अखिलेश यादव के समर्थन में भाजपा नेता निरहुआ ने कही बड़ी बात

नई दिल्ली। भोजपुरी स्टार और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार दिनेश लाल यादव ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का समर्थन किया है। आजमगढ़ से भाजपा उम्मीदवार दिनेश लाल यादव अखिलेश यादव के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादवा या मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होते तो वह उनका समर्थन करते।

यादवों की छवि खराब की

यादवों की छवि खराब की

पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में दिनेश लाल यादव ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि उन्होंने यादवों की देश विरोधी छवि बनाई है, उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का बिना सोचे समझे समर्थन करने वालों को इस बात को समझना चाहिए। निरहुआ के नाम से लोकप्रिय दिनेश लाल यादव ने कहा कि अगर मुलायम सिंह यादव पीएम पद के लिए उम्मीदवार होते तो वह उनका समर्थन करते। यही नहीं अगर अखिलेश यादव भी पीएम पद के लिए होते तो भी मैं उनका समर्थन करता।

अखिलेश पीएम की रेस में नहीं

अखिलेश पीएम की रेस में नहीं

निरहुआ ने कहा कि अखिलेश यादव पीएम पद की रेस में नहीं हैं। वह ऐसे आदमी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं जो कहते हैं कि अगर मेरी पार्टी सत्ता में आती है तो वह सीमा से सेना को वापस बुला लेंगे, लोगों पर देशद्रोह का केस खत्म कर देंगे। यही नहीं अखिलेश पर तीखा हमला बोलते हुए निरहुआ ने कहा कि अगर आप प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होते तो पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का आपका कोई औचित्य भी था। लेकिन आप पीएम नहीं बनना चाहते हैं, आप यादवों का सम्मान कम करना चाहते हैं। क्या आप यह कहना चाहते हैं कि यादव देश के खिलाफ हैं।

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राष्ट्रवाद सबसे बड़ा मुद्दा

राष्ट्रवाद सबसे बड़ा मुद्दा

दिनेश लाल का कहना है कि इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा राष्ट्रवाद है, उन्होंने कहा कि सपा देश राष्ट्रवाद के खिलाफ है और वह तुष्टिकरण की राजनीति करती है। अखिलेश ने यादव को दरकिनार किया है। अगर आप यादवों की पहचान हैं तो आप यादवों की पहचान को कम क्यों कर रहे हैं। आपने क्यों मायावती के साथ गठबंधन किया सिर्फ इसलिए कि पीएम मोदी को रोक सके।

 पीएम मोदी की योजना हर घर में पहुंची

पीएम मोदी की योजना हर घर में पहुंची

पीएम मोदी की तारीफ करते हुए दिनेश लाल ने कहा कि उनकी योजनाएं उत्तर प्रदेश के हर संसदीय क्षेत्र के हर घर में पहुंची है। लोगों ने पहले ही अपना मन बना लिया है। मैं यहां जाति और परिवारवाद की राजनीति को खत्म करने के लिए आया हूं। उन्होंने कहा कि अगर वह चुनाव हारते हैं तो भी राजनीति को नहीं छोड़ेंगे। बता दें कि आजमगढ़ में 12 मई को मतदान होगा, जबकि चुनाव के परिणाम 23 मई को घोषित किए जाएंगे।

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