सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक का निधन, दिल्ली AIIMS में ली अंतिम सांस
सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक का निधन हो गया है। सुलभ इंटरनेशनल के केंद्रीय कार्यालय में झंडा फहराने के बाद बिंदेश्वर पाठक की तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
जानें कौन हैं बिंदेश्वरी पाठक
बता दें कि दिवंगत बिंदेश्वर पाठक बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले थे। उन्होंने वर्ष 1970 में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन की स्थापना की थी। बिंदेश्वर पाठक सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहते थे। दान पुण्य का काम में भी बहुत आगे रहते थे। उन्होंने सुलभ इंटरनेशनल की स्थापना की, जो मानव अधिकारों, पर्यावरण स्वच्छता, ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोतों, अपशिष्ट प्रबंधन और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए काम करती है।

क्या है सुलभ इंटरनेशनल?
बता दें कि सुलभ इंटरनेशनल के तहत लोगों को स्टेशन, बस स्टैंड के पास शौचालय जाने की सुविधा मिलती है। लोगों को बहुत कम पैसे खर्च कर आसानी से सारी सुविधाएं मिल जाती हैं। बहुत ही कम समय में सुलभ इण्टरनेशनल सामाजिक परिवर्तन के अभिकर्ता के रूप में उभरकर सामने आया है जिसने लाखों सुलभ शौचालय बनाकर कम पढ़े लिखे लोगों को भी रोजगार दिया है। साथ ही देश भर में सैकड़ों सुलभ सामुदायिक परिसर बनाए गए हैं।
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पद्म भूषण समेत कई पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
बिंदेश्वर पाठक को साल 1991 में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साल 2003 में विश्व के 500 उत्कृष्ट सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्तियों की सूची में उनका नाम प्रकाशित किया गया। बिंदेश्वर पाठक को एनर्जी ग्लोब समेत कई दूसरे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।












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