Happy Bday Tejashwi Yadav : सियासी पिच पर धुआंधार बैटिंग करने वाले तेजस्वी यादव के सिर सजेगा बिहार का ताज?
Tejashwi Yadav Birthday। आज राजद ( RJD) के युवराज और लालू यादव के छोटे लाल तेजस्वी यादव ((Tejashwi Yadav) 31 बरस के हो गए हैं, उनको बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है, क्या आम और क्या खास हर कोई सोशल मीडिया के जरिए बिहार के पुत्र को जन्मदिन की बधाई दे रहा है, विधानसभा चुनाव के नतीजे कल यानी 10 नवंबर को आने वाले हैं, तीनों चरणों के मतदान खत्म होने के बाद सामने आए तमाम एग्जिट पोल में राजद को एनडीए पर और तेजस्वी को सीएम नीतीश कुमार पर भारी बताया गया है।
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राजद के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश
अब एग्जिट पोल के नतीजे चुनाव परिणाम में तब्दील होते हैं या नहीं, ये तो आने वाला कल ही बताएगा लेकिन इसमें कोई शक नहीं एग्जिट पोल के बाद राजद के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश है, वो अभी से ही जीत का जश्न मना रहे हैं, जिसकी वजह से तेजस्वी को अपने पार्टी के नेताओं से अपील करनी पड़ी है कि वो ज्यादा खुश ना हों और जश्न ना मनाएं बल्कि मंगलवार का इंतजार करें, यही नहीं तेजस्वी ने आज अपने नेताओं से ये भी कहा है कि वो जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए उनके घर ना आएं, आप सभी का प्यार और आशीष मेरे साथ है।
मां राबड़ी देवी का पैर छूकर तेजस्वी ने काटा केक
फिलहाल कल 12 बजे रात तेजस्वी ने पहले अपनी मां राबड़ी देवी पैर छूकर आशीर्वाद लिया और फिर बर्थ डे केक काटा और अपने परिवार वालों के साथ आज का दिन बिताने का फैसला किया है। उनकी बहन रोहिणी ने उन्हें ट्वीट के जरिए जन्मदिन की बधाई दी है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि बिहार के भावी मुख्यमंत्री @yadavtejashwi को जन्मदिन की शुभकामनाएं।

क्रिकेटर से लेकर राजनीति के पिच तक का सफर...
मालूम हो कि 9 नवंबर 1989 को लालू यादव के परिवार में उनके छोटे बेटे के रुप में जन्म लेने वाले तेजस्वी यादव ने महज 29 साल में ही क्रिकेटर से लेकर राजनीति के पिच तक का सफर तय किया है, मात्र 20 साल की उम्र में क्रिकेटर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले तेजस्वी 26 साल की उम्र में बिहार के डिप्टी सीएम की कुर्सी पर बैठे थे लेकिन डेढ़ साल तक डिप्टी सीएम की कुर्सी संभालने के बाद जब वह सत्ता से बेदखल हुए तो नेता प्रतिपक्ष के रूप में मौजूदा सरकार पर आक्रमक राजनीति करते दिखे और जिस तरह से उन्होंने अपने पिता की अनपुस्थिति में राजद को संभाला वो अपने आप में काफी बड़ी बात है।
झारखंड के प्रथम श्रेणी क्रिकेट टीम का हिस्सा थे तेजस्वी
गौरतलब है कि बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव 2009 में झारखंड के प्रथम श्रेणी क्रिकेट टीम में शामिल हुए थे। वह आईपीएल के चार सीजन्स में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा रहे लेकिन उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिल सका था। वह बल्लेबाजी के साथ-साथ स्पिन गेंदबाजी भी करते थे। अपने क्रिकेट जीवन में तेजस्वी यादव ने मात्र एक प्रथम श्रेणी मैच, दो 'ए' श्रेणी की क्रिकेट और चार टी-20 मैच खेले हैं, जहां बल्लेबाजी में उनका उच्चतम स्कोर 19 रन रहा तो गेंदबाजी में उन्होंने 10 ओवर में महज एक विकेट लिए थे।

राघोपुर से पहली बार विधायक चुने गए
क्रिकेट की दुनिया में खास उपलब्धि नहीं मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने राजनीति का रूख किया और उन्होंने खुलकर साल 2010 में सियासी मंच पर दिखना शुरु कर दिया। अपने पिता के साथ रैली में शामिल होने वाले तेजस्वी यादव पूरी तरह राजनीति में अपनी पकड़ नहीं बना पा रहे थे फिर भी वह ट्विटर और सोशल मीडिया के जरिए राजनीति में एक्टिव रहते थे हालांकि उन्हें राजनीति में पहचान साल 2015 के विधानसभा चुनाव में मिली जब वह पार्टी के गढ़ माने जाने वाले वैशाली जिले के राघोपुर से पहली बार विधायक चुने गए और बिहार के डिप्टी सीएम की कुर्सी पर बैठे।
डेढ़ साल तक संभाली डिप्टी सीएम की कुर्सी
हालांकि डिप्टी सीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद डेढ़ साल तक उन्होंने अपना पद संभाला लेकिन उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोप और घोटाले के मामले को लेकर जब विपक्ष ने निशाना साधना शुरू किया तो उनकी पार्टी सत्ता से बेदखल हो गई और तब से तेजस्वी यादव प्रखर नेता के रूप में नजर आने लगे और इस बार की उनकी चुनावी रैलियों में जिस तरह से भीड़ दिखी है उससे ये बात तो साबित ही हो गई कि लोग उन्हें सुन रहे थे, अब उनकी बातों का असर कितना हुआ ये तो कल के चुनावी परिणाम ही बताएंगे।

42 हजार से ज्यादा शादी के प्रस्ताव
आपको बता दें कि साल 2016 में तेजस्वी यादव, नीतीश (Nitish Kumar) सरकार में उप मुख्यमंत्री के साथ सड़क निर्माण मंत्री भी थे, इस दौरान तेजस्वी ने सड़क निर्माण से जुड़ी समस्याओं पर बात करने के लिए अपना एक व्हाट्सएप नंबर सर्कुलेट किया था, लेकिन उस समय तेजस्वी सबसे ज्यादा इस बात को लेकर दंग रह गए थे, कि उन्हें सड़क से जुड़ी शिकायतों के बजाय लड़कियों की ओर से प्रपोजल आने लगे थे और RJD के नेताओं के मुताबिक उस समय तेजस्वी को 42 हजार से ज्यादा शादी के प्रस्ताव मिले थे।












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