बिहार और मध्यप्रदेश के बीच खेल अवसंरचना, सुविधाओं और ज्ञान साझा करने पर बनी सहमति
बिहार और मध्य प्रदेश खेल विकास पर सहयोग करने के लिए एक औपचारिक समझौते पर पहुंचे हैं, जिसमें बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और ज्ञान साझाकरण को शामिल किया गया है। योजना में बिहार के एथलीटों के लिए आरक्षित प्रशिक्षण सीटें, संयुक्त कोचिंग पहल और एमपी सुविधाओं के भीतर एक बिहार-प्रेरित कोचिंग ढांचे की स्थापना शामिल है।
बिहार और मध्यप्रदेश के बीच खेल अवसंरचना, खेल सुविधाओं और ज्ञान साझा करने को लेकर आपसी सहमति बनी है। बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंगी से मुलाकात के बाद खेल के क्षेत्र में सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनाई।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सरकारी आवास पर हुई बैठक में बिहार की खेल मंत्री का स्वागत करते हुए दोनों राज्यों के बीच खेल विकास के लिए समन्वय, तालमेल और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण और निदेशक हिमांशु सिंह भी विशेषज्ञों के साथ मौजूद रहे।
बैठक के दौरान दोनों राज्यों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच खेल के क्षेत्र में आपसी सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। मध्यप्रदेश के खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंगी ने बिहार को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए बताया कि मध्यप्रदेश की विभिन्न खेल अकादमियों में बिहार के खिलाड़ियों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाएंगी। शूटिंग, तीरंदाजी, बॉक्सिंग और वाटर स्पोर्ट्स सहित कई खेलों में बिहार के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी।
इस बात पर भी सहमति बनी कि जिन खेलों के लिए बिहार में अभी आधारभूत संरचना पूरी तरह विकसित नहीं है, उन खेलों के प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। दोनों राज्यों के बीच खेल ज्ञान, प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के साथ निरंतर सहयोग और समन्वय पर सहमति जताई गई।
बैठक के दौरान खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंगी ने बिहार की महत्वाकांक्षी खेल प्रतिभा खोज योजना ‘मशाल’ के क्रियान्वयन और संचालन को लेकर रवीन्द्रण शंकरण से विस्तृत जानकारी ली। योजना से प्रभावित होकर उन्होंने मध्यप्रदेश में भी ‘मशाल’ योजना लागू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। योजना के अध्ययन और सफल क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश के अधिकारियों की एक टीम जल्द ही बिहार का दौरा करेगी।
वाटर स्पोर्ट्स के विकास को लेकर अहम पहल
इससे पहले श्रेयसी सिंह ने भोपाल में केनोइंग, क्याकिंग और रोइंग की वाटर स्पोर्ट्स अकादमियों का दौरा कर बिहार में वाटर स्पोर्ट्स के विकास की संभावनाओं और आवश्यक संसाधनों का अध्ययन किया। भारतीय केनोइंग और क्याकिंग फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशांत कुशवाहा ने बिहार में वाटर स्पोर्ट्स के विकास के लिए फेडरेशन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि बिहार में वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के लिए उपयुक्त स्थलों के सर्वेक्षण हेतु अगले सप्ताह कनाडा के ऑलंपियन और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ को भेजा जाएगा।
फेडरेशन ने बिहार के वाटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षकों को विश्व स्तरीय कोचिंग देने, अकादमी निर्माण, जेटी निर्माण, आवश्यक उपकरणों की खरीद और आपूर्ति में भी सहयोग का भरोसा दिया है। इसके साथ ही बिहार में वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के निर्माण से लेकर शुरुआती दो वर्षों तक संचालन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी भी फेडरेशन निभाएगा, ताकि बिहार इस खेल विधा में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ सके।












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