बिहार में राजकीय समारोह के तौर पर मनाई जाएगी अरुण जेटली की जयंती, कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली। बिहार सरकार पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता मरहूम अरुण जेटली की जयंती को राजकीय समारोह के तौर पर मनाएगी। जेटली की जन्म की तारीख 28 दिसंबर को राजकीय समारोह के तौर पर मनाने का ऐलान नीतीश सरकार ने किया है। जेटली की जयंती राजकीय समारोह के तौर पर मनाए जाने के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दी है। अब हर साल 28 दिसंबर को इसका आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली बिहार के रहनेवाले नहीं थे, लेकिन उनका बिहार से विशेष लगाव था। बिहारियों के प्रति उनके मन में आदर का भाव था। वे सबकी बातें गौर से सुनते थे और उस पर सलाह देते थे।

तीन दिन पहले ही नीतीश कुमार ने पटना में अरुण जेटली की प्रतिमा का भी अनावरण किया था। 28 दिसंबर को अरुण जेटली की 67वीं जयंती के मौके पर नीतीश कुमार ने पटना के कंकड़बाग पार्क में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया था। अब नीतीश कुमार सरकार ने बिहार में जेटली की जयंती राजकीय समारोह के तौर पर मनाने का फैसला किया है।

अरुण जेटली मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते थे। उनकी प्रतिमा के अनावरण के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि अरुण जेटली बिहार के रहनेवाले नहीं थे, लेकिन उनका बिहार से विशेष लगाव था। बिहारियों के प्रति उनके मन में आदर का भाव था। वे सबकी बातें गौर से सुनते थे और उस पर सलाह देते थे। अरुण जेटली का इसी साल 24 अगस्त को निधन हो गया था। पटना में लगाया गया उनका स्टेच्यू जेटली की पहली प्रतिमा है।

इससे पहले दिल्ली के फिरोज शाह कोटला क्रिकेट मैदान को नाम भी अरुण जेटली के नाम पर किया जा चुका है। अरुण जेटली लंबे समय तक दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के चेयरमैन रहे। जेटली केंद्र में मंत्री रहने के अलावा सुप्रीम कोर्ट के वकील भी थे। उनकी गिनती देश के अच्छे कानून के जानकारों में होती थी।

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