Bihar News: प्रत्यय अमृत ने खेल विभाग की समीक्षा की; सुरक्षा, निगरानी, PPP मॉडल व संस्थागत सुधारों पर जोर
बिहार के मुख्य सचिव के नेतृत्व में हुई समीक्षा में खेल सुविधाओं पर सीसीटीवी लगाने, क्लबों के संचालन को औपचारिक रूप देने और एक मजबूत पीपीपी ढांचे पर जोर दिया गया है। इस कदम में नियमित निरीक्षण, खरीद के लिए खुली निविदाएं, और अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपना शामिल है, जिसका उद्देश्य राज्य भर में एक सुरक्षित, अधिक पारदर्शी और समावेशी खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है।
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में खेल सचिव महेन्द्र कुमार समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य के खेल तंत्र में सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पंचायत स्तर के खेल परिसरों और आउटडोर स्टेडियमों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने खेल क्लबों के सक्रियण और संचालन की प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप देने का भी निर्देश दिया, जिससे उनकी नियमित समीक्षा और प्रगति का आकलन किया जा सके। सचिव स्तर पर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि राज्यभर में खेल योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके और मजबूत निगरानी तंत्र विकसित किया जा सके।
मुख्य सचिव ने खेल क्षेत्र में स्वस्थ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सार्वजनिक और निजी भागीदारी के लिए स्पष्ट नीतिगत ढांचा तैयार करने का निर्देश दिया, जिससे सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही स्थानीय उद्योगों को खेल गतिविधियों से जोड़ने और युवाओं को प्रतियोगिताओं एवं खेल आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने पर भी बल दिया गया। उनका कहना था कि समावेशी और सुव्यवस्थित PPP मॉडल राज्य में खेल विकास को नई दिशा देगा।
खेल क्लबों की जवाबदेही तय करने के निर्देश
जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक खेल क्लब के साथ जिला खेल पदाधिकारी, राज्य सरकार के खेल प्रशिक्षक और शारीरिक शिक्षक को टैग करने का निर्देश दिया गया। खेल सामग्री की खरीद में पारदर्शिता लाने और एकाधिकार की स्थिति को रोकने के लिए खुले आमंत्रण (ओपन कॉल) के माध्यम से आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेताओं को सूचीबद्ध (एम्पैनल) करने का निर्णय लिया गया। इससे सभी खेल क्लबों को समान दर पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही खेल सामग्री की अधिकतम कीमत (कैपिंग प्राइस) निर्धारित करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि मूल्य शोषण की स्थिति उत्पन्न न हो।
27 एकलव्य केंद्रों की समीक्षा
मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित 27 एकलव्य केंद्रों की समीक्षा करते हुए संतोष व्यक्त किया और शेष प्रस्तावित केंद्रों को शीघ्र सक्रिय करने के निर्देश दिए। विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि नवंबर और फरवरी में हाफ मैराथन आयोजित करने की योजना है, जिसकी शुरुआत इस वर्ष नवंबर से की जाएगी। यह बैठक राज्य में सुरक्षित, पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में बिहार सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।












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