बिहार: चमकी बुखार से बच्चों की मौतों पर किया प्रदर्शन, पुलिस ने 39 के खिलाफ की एफआईआर
चमकी बुखार से मौतों को लेकर प्रदर्शन करने पर 39 के खिलाफ एफआईआर
नई दिल्ली। बिहार के वैशाली जिले के हरिवंशपुर गांव में 39 लोगों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन ने एफआईआर की है। ये एफआईआर पानी की कमी और चमकी बुखार यानी एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से बच्चों की मौतों के लेकर प्रदर्शन करने के लिए की गई है। बिहार में जहां चमकी बुखार से 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है तो ये गांव इससे बहुत ज्यादा प्रभावित है, यहां अब तक 11 बच्चों की मौत इस बीमारी से हो चुकी है।

'हमारे ही बच्चे मर रहे, हम ही पर पुलिस कर रही केस'
बिहार की राजधानी पटना से लगभग सिर्फ किमी दूर वैशाली के हरिवंशपुर गांव के लोगों का कहना है कि हमारे बच्चे मर रहे हैं। इस पर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए हमने प्रदर्शन किया तो 39 के खिलाफ केस हो गया। महिलाओं का कहना है कि एफआईआर के बाद पुरुष घर छोड़कर चले गए हैं। ये लोग ही घर में कमाकर लाते थे, ऐसे में रोजी-रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।
नीतीश कुमार के सामने की थी विरोध की कोशिश
18 जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों का हाल जानने के लिए मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा करने गए थे। नीतीश कुमार एनएच-22 से होकर जाएंगे इसी को देखते हुए सड़क किनारे स्थित गांव के लोगों ने रोड का घेराव कर दिया था। इन लोगों ने पीने का पानी, बुखार से इलाज की व्यवस्था की मांग के साथ विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने रोड घेराव के कारण ही 19 नामजद और 20 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। नामजदों में करीब आधे दर्जन वे लोग हैं जिनके बच्चों की मौत बुखार से हुई है।

बच्चों की मौत से खौफजदा हैं हरिवंशपुर के लोग
हरिवंशपुर गांव में चमकी बुखार के कहर को देखते हुए यहां लोगों में खौफ है। यहां से लगातार बुखार के मामले सामने आने के बाद मेडिकल टीम यहां कैंप भी कर रही है लेकिन बच्चों को बुखार आने के सिलसिला रुक नहीं रहा है। प्रशासन और सरकार के रवैये से गांव के लोगों में खासी नाराजगी है। स्थानीय विधायक राज कुमार साह और हाजीपुर सांसद पशुपति कुमार पारस से भी ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जताई थी।












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