Bihar Elections: किशनंगज की चारों सीटों पर कांटे की टक्कर, AIMIM फैक्टर ने उड़ाई सभी की नींद

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में सीमांचल के जिस जिले की सबसे ज्यादा चर्चा है वो है किशनगंज। नेपाल और बांग्लादेश की सीमा के करीब इस जिले में चुनावी माहौल गरम है। मुस्लिम बहुल आबादी वाले किशनगंज पर सभी की नजर है। जिले की दो सीटों पर जेडीयू अपना कब्जा बरकरार रखने की पूरी कोशिश कर रही है तो कांग्रेस और एआईएमआईएम अपनी एक-एक सीट को फिर से जीतने की कोशिश में हैं।

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    Asaduddin Owaisi

    2015 में जिले की दो सीटों पर जेडीयू ने कब्जा जमाया था तो दो सीट पर कांग्रेस को जीत मिली थी। बाद में किशनगंज सीट पर हुए उपचुनाव में ओवैसी की आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने जीत कर सभी को चौंका दिया था। इस बार यहां से ओवैसी फैक्टर ने सभी की नींद उड़ाई हुई है। एनडीए और महागठबंधन के अलावा यहां पर लोजपा, जाप और बागी उम्मीदवार भी चुनावी समीकरण साधने में लगे हुए हैं।

    बहादुरगंज में त्रिकोणीय मुकाबला
    बहादुरगंज सीट पर 2015 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के तौसीफ आलम ने भाजपा के अवध बिहारी सिंह को हराया था। कांग्रेस ने एक बार फिर तौसीफ आलम को मैदान में उतारा है। एनडीए के खाते से यहां वीआईपी ने लखन लाल पंडित को प्रत्याशी बनाया है। वहीं एआईएमआईएम के टिकट पर अंजार नईमी ताल ठोक रहे हैं। वैसे तो इस सीट पर 9 उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन मुकाबला इन तीन के बीच ही माना जा रहा है। किशनगंज सीट पर उपचुनाव में जीत के बाद AIMIM के हौसले भी यहां बुलंद हैं। जिले में ओवैसी ने पूरी ताकत झोंक रखी है। इस विधानसभा में 289,923 मतदाता हैं जिनमें 149,833 पुरुष और 140080 महिला मतदाता हैं।

    ठाकुरगंज में मुकाबला दिलचस्प
    जिले की ठाकुरगंज सीट से पूर्व मंत्री नौशाद आलम जेडीयू के टिकट पर हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं। उनकी राह रोकने के लिए पूर्व विधायक गोपाल अग्रवाल निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोक रहे हैं। गोपाल अग्रवाल ने 2015 का चुनाव लोजपा के टिकट पर लड़ा था और दूसरे नंबर पर रहे थे। इसके अलावा सऊद आलम राजद के टिकट पर मैदान में हैं। वहीं एआईएमआईएम और लोजपा ने उम्मीदवार उतारकर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। AIMIM ने महबूब आलम को प्रत्याशी बनाया है तो लोजपा ने कलीमुद्दीन को मैदान में उतारा है। 289,332 मतदाताओं वाली इस विधानसभा में कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। 149,083 पुरुष और 140,304 महिला मतदाता 431 मतदान केंद्रों पर मतदान करेंगे।

    किशनगंज सीट बनी है हॉट सीट
    किशनगंज ऐसी सीट है जिस पर पूरे प्रदेश की नजर है। किशनगंज सीट अचानक चर्चा में तब आई थी जब पिछले साल अक्टूबर में हुए उपचुनाव में यहां से AIMIM के उम्मीदवार कमरूल होदा ने जीत दर्ज कर ली थी। होदा ने भाजपा की स्वीटी सिंह को हरा दिया था। खास बात है कि यहां से प्रदेश में इकलौते कांग्रेस सांसद की मां ने भी चुनाव लड़ा था लेकिन वे तीसरे नंबर पर रही थीं। इस बार फिर कमरूल होदा AIMIM के टिकट पर मैदान में हैं। उनका मुकाबला भाजपा की स्वीटी सिंह और कांग्रेस के इजहारुल हुसैन से है। इस सीट पर सबसे अधिक 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस सीट पर 291,023 मतदाता हैं जिनमें से 1 लाख 47 हजार पुरुष और 1 लाख 43 हजार महिलाएं हैं।

    कोचाधामन में में कांटे की टक्कर
    कोचाधामन सीट परिसीमन के बाद बनी थी। पिछली बार यहां से जेडीयू के मुजाहिद आलम ने जीत दर्ज की थी। इस बार फिर मुजाहिद आलम जेडीयू के टिकट पर मैदान में हैं। उनके मुकाबले में राजद ने शाहिद आलम को मैदान में उतारा है। वहीं AIMIM के टिकट पर इजहार अशफी ताल ठोक रहे हैं। मुस्लिम मतदाताओं यहां निर्णायक संख्या में हैं जिसके चलते AIMIM को लेकर सभी की नजर यहां पर है। इस सीट पर कुल 248,469 मतदाता हैं। 128433 पुरुष मतदाता है जबकि 120,019 मतदाता महिलाएं हैं। कुल 363 मतदान केंद्रों पर यहां मतदान होना है।

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