Bihar News: राज्य में 9 वर्ष में 4616 एनजीओ और 1774 फर्मों का ऑनलाइन निबंधन
2016 से, बिहार ने डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से 4,600 से अधिक NGOs और 1,700 फर्मों का सफलतापूर्वक पंजीकरण किया है। यह पेपरलेस सिस्टम विशिष्ट शुल्क और दस्तावेज़ आवश्यकताओं के साथ पंजीकरण को सरल बनाता है।
बिहार ने डिजिटल निबंधन की दिशा में लंबी छलांग लगाई है। वर्ष 2016 से शुरू हुई ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अब तक 4,616 एनजीओ और 1,774 फर्मों का निबंधन किया गया है। यह निबंधन मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट nibandhan.bihar.gov.in के जरिए आसानी से पूरी होती है।

राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के निबंधन के लिए 25,500 रुपये, बिहार स्तर के लिए 15,500 रुपये और फर्मों के निबंधन के लिए 1,500 रुपये शुल्क का ऑनलाइन जमा करना होता है।
आवेदक को संस्था का नाम, पता, जिला, पदाधिकारियों और सदस्यों की जानकारी को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में भरनी होती है। इसके बाद कार्यालय स्तर पर आवेदन की जांच होती है। अगर कोई कमी पाई जाती है, तो आवेदन सुधार के लिए वापस कर दिया जाता है। सही आवेदन पर निबंधन महानिरीक्षक की ओर से प्रमाण पत्र जारी होता है, जिसे आवेदक अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड से डाउनलोड कर सकता है। यह पेपरलेस और फेसलेस प्रक्रिया है, जिसमें आवेदक को कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ती।
संस्था के निबंधन के लिए दो राजपत्रित पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से प्रमाणित आम सभा का प्रस्ताव, राजपत्रित पदाधिकारी की ओर से प्रमाणित स्मृति-पत्र और नियमावली, स्व-हस्ताक्षरित और प्रमाणित पदाधिकारियों का पहचान पत्र, अंचलाधिकारी या अन्य अधिकारी की ओर से जारी कार्यालय का फोटो और प्रमाण-पत्र जरुरी है।
फर्म निबंधन के लिए जरूरी दस्तावेज
फर्म निबंधन के लिए आवेदक को प्रपत्र-1 (नोटरी या राजपत्रित पदाधिकारी से प्रमाणित) साझेदारी दस्तावेज की प्रमाणित प्रति और साझेदारों का पहचान पत्र (आधार, पैन, वोटर आईडी, स्व-हस्ताक्षरित और प्रमाणित) जमा करना होता है। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन किया जाता है।












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