तो क्या सच में बिहार में बुझ जाएगी अब लालू की लालटेन?

पटना। बुधवार शाम को जिस तरह से मात्र चंद घंटों में बीस महीने पूरानी सरकार खतरे में आ गई है उसके बारे में राजद प्रमुख लालू यादव को शायद कतई अंदाजा नहीं था। बुधवार सुबह तक जिस नीतीश कुमार को लालू अपना छोटा भाई कहते थक नहीं रहे थे, वो शाम तक धुर विरोधी और विश्वासघाती बन गए थे।

जिसके कारण जोड़-तोड़ के पुरोधा लालू यादव एक बार फिर से बैकफुट पर चले गए, उन्हें अब समझ नहीं आ रहा कि मात्र 14 घंटों में बिहार के राजनीतिक समीकरण कैसे बदल गए। आखिर किसकी वजह से लालू को नीतीश के इस कदम के बारे में कतई अंदाजा नहीं लगा, ये एक सोचने वाली बात है। जबकि राजनीतिक पुरोधाओं को काफी वक्त पहले पता चल गया था कि नीतीश कुमार के दिल में एक बार फिर से बीजेपी प्रेम हिचकोले मार रहा है।

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    भ्रष्टाचार की आग

    भ्रष्टाचार की आग

    भ्रष्टाचार की आग ने आज लालू के घर को जलाने की कोशिश की है, आज उनके चहेते बेटे तेजस्वी यादव इस आग की चपेट में है, जिसे देखते हुए नीतीश कुमार ने वो कर दिया, जिसकी उम्मीद लालू को बिल्कुल भी नहीं थी।

    चूक कहां हो गई?

    चूक कहां हो गई?

    बिहार की सियासत में कभी भी हार ना मानने वाले लालू यादव ने हर मुश्किल समस्या का समाधान निकाला, साल 1997 में उन्होंने अपनी पत्नी को सीएम बनवाया तो बीस महीने उन्होंने अपने धुर विरोधी नीतीश कुमार को गले लगाकर बीजेपी को हरा दिया लेकिन इस बार चूक कहां हो गई?

    पुत्र मोह के चलते लालू से हुई गलती?

    पुत्र मोह के चलते लालू से हुई गलती?

    कहते हैं औलाद के आगे किसी को कुछ नहीं दिखता, पुत्र मोह के चलते ही महाभारत की लड़ाई हुई थी तो ये तो फिर भी सियासी समीकरण है जो मौसम से भी तेज बदल जाते हैं। शायद लालू अगर तेजस्वी यादव पर लग रहे आरोपों पर खुद ही एक्शन लेते तो आज बिहार में लालटेन के लिए समस्या पैदा नहीं होती, फिलहाल अब सभी को राजनीति के इस पुरोधा के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार है।

    बिहार की राजनीति में भूचाल

    बिहार की राजनीति में भूचाल

    मालूम हो कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ ही बुधवार को बिहार की राजनीति में जैसे भूचाल आ गया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के साथ 20 महीने पुराने महागठबंधन से खुद को अलग करते हुए नीतीश ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

    कभी सोचा ना था?

    कभी सोचा ना था?

    नीतीश के इस्तीफे की घोषणा के कुछ ही देर बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा भी कर दी और गुरुवार को नीतीश नई सरकार गठित करने का दावा पेश कर दिया है। आज नीतीश सुबह 10 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे लेकिन इस बार उनके साथ राजद नहीं बल्कि बीजेपी के नेतागण होंगे।

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