किसान आंदोलन को लेकर आया नीतीश कुमार का बयान, कही ये बड़ी बात
नई दिल्ली। कृषि कानून के खिलाफ राजधानी दिल्ली में किसानों का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। नीतीश कुमार ने नए कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शन को गलत बताया है। सोमवार को एक बार फिर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, गृह मंत्री अमित शाह से मिले हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि केंद्र सरकार खरीद तंत्र से संबंधित मुद्दों के डर को दूर करने के लिए किसानों से बात करना चाहती है। इसलिए मेरा मानना है कि बातचीत होनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन गलत धारणाओं के कारण हो रहे हैं। आंदोलनकारियों को भी चाहिए कि सरकार से बात करे। किसान बिल से किसानों को फायदा होगा।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर कहा, 'नए कृषि कानून एपीएमसी मंडियों को समाप्त नहीं करते हैं। मंडियां पहले की तरह ही चलती रहेंगी। नए कानून ने किसानों को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आजादी दी है। जो भी किसानों को सबसे अच्छा दाम देगा वो फसल खरीद पाएगा चाहे वो मंडी में हो या मंडी के बाहर। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर कहा, 'कृषि कानून पर गलतफहमी ना रखें। पंजाब के किसानों ने पिछले साल से ज्यादा धान मंडी में बेचा और ज्यादा एमएसपी पर बेचा। एमएसपी भी जीवित है और मंडी भी जीवित है और सरकारी खरीद भी हो रही है।
बता दें कि , बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कई चुनावी रैलियों में साफ कर दिया था कि नए किसान कानून किसानों के भले के लिए हैं। उस समय भी कुछ जगहों पर नए कृषि कानून के विरोध की बातें सामने आई थीं लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक एक करके सभी बातों का जवाब दे दिया था और कहा था कि नए कृषि कानून कहीं से भी किसान विरोधी नहीं है।












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