कॉलेज के दिनों में मुझ पर मरती थीं लड़कियां: जीतन राम मांझी
पटना। अपने विवादित बयानों को लेकर मीडिया और राजनेताओं के बीच में चर्चा बने बिहार के सीएम जीतन राम मांझी भी आम लोगों की तरह अपने कॉलेज के दिनों को भूले नहीं हैं। एक टीवी चैनल से बात करते हुए मांझी ने कहा कि वो भी अपने कॉलेज के दिनों में लोगों के बीच चर्चा का विषय रहते थे। उनकी सादगी की वजह से ही कॉलेज की लड़कियां उनपर जान छिड़कती थीं और उनके पास ट्यूशन पढ़ने आया करती थीं।
बेहद ही गरीबी के दिन देखने वाले मांझी ने कहा कि उनके पास एक पाजामा, एक हॉफ शर्ट, एक बनियान और एक लुंगी थी जिसे वो छ दिन कॉलेज में पहनते थे और शनिवार की शाम को धोकर सूखा देते थे ताकि सोमवार को वापस उसे पहने सकें। उनकी पढ़ाई और उनकी बुद्दि से लड़कियां काफी आकर्षित रहती थीं और इसी कारण आशा चरण नाम की एक लड़की ने उनसे नोट्स मांगे थे, उसके पिता एरिया के डीसी थे, एक दिन उन्होंने मुझे बुलाया और कहा कि आशा को तुम्हारे नोट्स से काफी मदद मिली है। तुम उसे अपने नोट्स दे दिया करो तो हम तुम्हें 50 रूपये दें देंगे।
उसके बाद से मैं क्लास की लड़कियों में और भी लोकप्रिय हो गया और इसलिए मैं अपनी ही क्लास की लड़कियों को ट्यूशन देकर जीविका कमाने लगा और इस तरह मैंने कॉलेज की पढाई की।
नीतीश कुमार को अपना बड़ा भाई मानने वाले जीतन राम मांझी ने कहा कि मैं तो उनका हनुमान हूं जिस दिन कहेंगे कुर्सी छोड़ दूंगा। मुझे और नीतीश जी को लेकर मीडिया बेकार में हल्ला मचाती है।













Click it and Unblock the Notifications