Bihar Elections: गया रैली में बोले पीएम मोदी- महागठबंधन की रग-रग से बिहार के लोग वाकिफ हैं
गया। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2020) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार राज्य में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की गया में भी रैली आयोजित हुई है। इस दौरान उन्होंने महागठबंधन को निशाने पर लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए के विरोध में इन लोगों ने मिलकर जो 'पिटारा' बनाया है, जिसे ये लोग महागठबंधन कहते हैं, उसकी रग-रग से बिहार के लोग वाकिफ हैं। वो लोग जो नक्सलियों को, हिंसक गतिविधियों को खुली छूट देते रहे, आज वो एनडीए के विरोध में खड़े हैं।
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गया रैली में प्रधानमंत्री ने कहा, ये वो दौर था जब बिजली संपन्न परिवारों के घर में होती थी, गरीब का घर दीए और ढिबरी के भरोसे रहता था। आज के बिहार में लालटेन की जरूरत खत्म हो गई है। आज बिहार के हर गरीब के घर में बिजली का कनेक्शन है, उजाला है। आज बिहार में इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, IIT, IIM जैसे संस्थान खोले जा रहे हैं। यहां बोधगया में भी तो IIM खुला है जिस पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वरना बिहार ने वो समय भी देखा है, जब यहां के बच्चे छोटे-छोटे स्कूलों के लिए तरस जाते थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, बीते वर्षों में बिहार के इस हिस्से को नक्सलियों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। अब नक्सलवाद को देश के एक छोटे से हिस्से में समेट दिया गया है। गया का ये पूरा क्षेत्र भारत के ज्ञान, आस्था और आध्यात्म का केंद्र रहा है। ये कितनी बड़ी बिडंबना है कि जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, उस धरती को नक्सली हिंसा और जघन्य हत्याकांडों में झोंक दिया गया। हिंसा और अराजकता से बाहर निकालकर इस पूरे क्षेत्र को विकास की पटरी पर लाने के लिए बीते सालों में बहुत मेहनत की गई है।
उन्होंने कहा कि नवादा और औरंगाबाद सहित बिहार के वो जिले जो विकास की दौड़ में पीछे छूट गए हैं, उनको आकांक्षी जिलों के तौर पर चुना गया है। इन जिलों में अब शिक्षा, स्वास्थ, पोषण, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे तमाम पहलुओं को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में बिहार को फिर उस पुराने अंधकार में ले जाने की जो तैयारी की जा रही है, जो ललचाए बैठे कुछ लोग हैं, उनसे आपको सावधान रहना है, सतर्क रहना है। देश को तोड़ने की, देश को बांटने की वकालत करने वालों पर जब एक्शन लिया जाता है, तो ये लोग उनके साथ खड़े हो जाते हैं। इन लोगों का मॉडल रहा है बिहार को बीमार और लाचार बनाना।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, एनडीए का संकल्प है- बिहार को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना। बीते सालों में गरीब, वंचित, दलित, शोषित, पिछड़े, अति पिछड़ों के सशक्तिकरण के लिए एक के बाद एक बड़े सुधार किए गए हैं। अब गरीबों और वंचितों को उनके हक का पूरा लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। सुशासन के लिए तकनीक को आधार बनाया गया है। बिहार के रहने वालों का खून-पसीना इस देश के हर हिस्से की माटी में गुथा हुआ है। फिर भी दशकों तक वे बुनियादी जरूरतों से वंचित रहे। जबकि उनके द्वारा चुने गए नेताओं ने उनके ही रुपये से अपना साम्राज्य बना डाला। बिहार ने अब सुधार की राह ने रफ्तार पकड़ ली है। इसे धीमा नहीं होने दिया जाएगा। अब हमारा फोकस इस पूरे क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और तेज करने पर है।












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