20 साल बाद नीतीश-लालू हाजीपुर और समस्तीपुर में साथ करेंगे प्रचार
20 साल बाद आज नीतीश-लालू एक मंच पर साथ-साथ
ऐसा अजब संयोग बिहार में पूरे 20 साल बाद आया है। मालूम हो कि विधानसभा की दस सीटों के लिए आगामी अगस्त को उपचुनाव होने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि उपचुनाव अगले वर्ष होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व का सेमीफाइनल है और साथ ही दोनों गठबंधनों के लिए यह चुनाव अग्निपरीक्षा भी है। वैसे दोनों गठबंधनों के लिए भाजपा से लोहा लेना आसान नहीं है। यही नहीं लालू-नीतीश के साथ कांग्रेस भी है।
इस चुनाव में कांग्रेस ने जहां पहली बार बिहार में सतारूढ़ जद (यू) से हाथ मिलाया है, वहीं लालू प्रसाद की राजद भी इस बार जद (यू) के साथ गठबंधन में शामिल है। दो दशक पूर्व जब लालू प्रसाद और नीतीश कुमार एक साथ थे तब दोनों का मुकाबला कांग्रेस से था। बाद में लालू संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का हिस्सा बन गए, वहीं नीतीश राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए थे।
वैसे अभी तक सीटों को लेकर तस्वीर स्पष्ट नहीं है परंतु इतना तय हो चुका है राजद और जद (यू) चार-चार जबकि कांग्रेस दो सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लालू और नीतीश कह चुके हैं कि मुद्दा सीटों का बंटवारा नहीं, बल्कि भाजपा को रोकना है। खैर देखना दिलचस्प होगा कि लालू के साथ गठबंधन कर नीतीश अपना वो पुराना आकर्षण बरकरार रख पाएंगे। जो पिछले चुनावों में था।
भाजपा ने लालू-नीतीश को गठबंधन को 'जंगलराज पार्ट दो' करार दिया
जहां भाजपा ने लालू-नीतीश को गठबंधन को 'जंगलराज पार्ट दो' करार दे रही हैं वहीं सर्वे कहते हैं कि लालू-नीतीश के साथ आने से बिहार की जनता नीतीश कुमार से नाराज चल रही है।
अगड़ी जातियों में काम के आधार पर नीतीश का आकर्षण रहा है, परंतु नए गठबंधन में अगड़ी जातियों का कितना समर्थन नीतीश हासिल कर पाएंगे, यह भी एक बड़ा प्रश्न है।













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