G20 Summit: G20 के पहले दिन भारत को बड़ी कामयाबी, जानिए दिल्ली घोषणा पत्र के मायने?
G20 Delhi Declaration: भारत की मेजबानी में शुरू हुए 18वें जी20 शिखर सम्मेलन का शनिवार (9 सितंबर) को पहला दिन था। ऐसे में G20 के पहले दिन भारत ने सबसे बड़ी उपलब्धियां हासिल की। जी20 में नई दिल्ली घोषणा पत्र के 100 फीसदी बिंदुओं पर सभी देशों की पूर्ण सहमति मिली।
पिछले कई वर्षों की जी-20 बैठकों में ऐसा कभी नहीं हुआ। दिल्ली घोषणा पत्र को भारत की बड़ी कामयाबी बताया जा रहा है। घोषणापत्र में कुल 112 मुद्दे शामिल किए गए हैं। पिछली बैठक की तुलना में इस बार ज्यादा मुद्दों पर सहमति बनी है। ऐसे में जानिए इसके मायने क्या हैं?

पीएम मोदी ने जाहिर की खुशी
समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "एक खुशखबरी मिली है कि हमारी टीम के कठिन परिश्रम और आप सबके सहयोग से जी 20 लीडर समिट के डिक्लेरेशन पर सहमति बनी है। मेरा प्रस्ताव है कि लीडर्स डिक्लेरेशन को भी अपनाया जाए। मैं भी इस डिक्लेरेशन को अपनाने की घोषणा करता हूं।"
'वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर'
इसके बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हमारी अध्यक्षता का संदेश 'वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर' है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 में 20 सदस्य देशों 9 आमंत्रित देशों और 14 अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने हिस्सा लिया है। हमारे लिए यह संतुष्टि की बात है कि अफ्रीकन यूनियन को आज भारत की अध्यक्षता में जी-20 को स्थायी सदस्यता दी गई।
सभी देशों ने जताई अपनी पूर्ण सहमति
उन्होंने आगे कहा कि जी-20 ने भारत को विश्व के लिए तैयार करने और विश्व को भारत के लिए तैयार करने में योगदान दिया है। जी-20 लीडर्स ने आज जिस डिक्लेरेशन पर सहमति व्यक्त की है, वह मजबूत टिकाऊ, संतुलित और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह एसडीजी(सतत विकास लक्ष्य) की प्रगति में तेजी लाने का प्रयास करेगा।
आतंकवाद को बताया सबसे बड़ा दुश्मन
विदेश मंत्री ने कहा कि जी-20 नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की और माना कि यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।
दिल्ली घोषणा पत्र के मुख्य बिंदु
- जी20 बैठक का मेन फोकस सतत और ग्रीन विकास पर है।
- आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम के लिए खिलाफ कदम उठाने पर सहमति
- किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला नहीं किया जाए।
- पावर के दम पर किसी देश की सीमा पर अतिक्रमण नहीं किया जाए।
- दुनिया के किसी भी देश की ओर से परमाणु हमले की धमकी अस्वीकार्य।
जानिए कैसे दिल्ली घोषणा पत्र के मायने?
दिल्ली घोषणापत्र के जरिए बड़ी कामयाबी पर फोकस करें तो भारत ने पड़ोसी देश चीन से लेकर पाकिस्तान तक को घेरने का प्रयास किया, क्योंकि एशिया के अंदर चीन अपनी विस्तारवादी नीति को लेकर आगे चल रहा है। जिसकी वजह से वो वक्त-वक्त पर भारत के बॉर्डर इलाकों को लेकर विवादित नक्शा जारी करता रहता है। इसके अलावा तनाव की स्थिति भी बनती है। हाल ही में चीन ने अरुणाचल प्रदेश को लेकर अपना एक विवादित नक्शा जारी किया था, जिसको लेकर भारत ने करारा जवाब दिया था। इसके अलावा ताइवान के साथ भी चीन की तनातनी रहती है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देते वाला पड़ोसी मुल्क है।












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