3 करोड़ किसानों के लिए वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान, 31 मई तक ब्याज पर मिली छूट
3 करोड़ किसानों को बड़ी राहत, मई माह तक नहीं देनी होगी लोन की किश्त
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। लॉकडाउन के बावजूद इसका कहर थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को कोरोना वायरस के कुल मरीजों की संख्या 78 हजार के पार पहुंच गई। वहीं देश पर छाए कोरोना संकट से देश को उबारने के लिए केन्द्र सरकार लगातार घोषणाएं कर रहीं हैं। कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से सुस्त हुई अर्थव्यवस्था और आम लोगों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की दूसरी किस्त का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। सीतारमण ने आज प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए कई ऐलान किए। जिसमें वित्त मंत्री ने कहा कि गरीब, किसान और प्रवासी मजदूर सरकार की पहली प्राथमिकता होगी और इस संकटकाल में उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
Recommended Video

कोरोना के समय में 63 लाख लोन कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए, यह राशि 86,600 करोड़ रुपये है। फसली लोन पर जो रीपेमेंट की तारीख 1 मार्च थी, उसे बढ़ाकर 31 मई 2020 कर दिया गया है। देश के 3 करोड़ किसान जिन पर करीब 4.22 लाख करोड़ रुपये का लोन है, उन्होंने लोन मोराटोरियम पीरियड का फायदा उठाया है। राज्यों ने किसानों को 6700 करोड़ की मदद दी है। 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड की मंजूरी दी है जिसकी लिमिट 25000 करोड़ होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा किसानों को 30,000 करोड़ की अतिरिक्त सहायता नाबार्ड के जरिए दी जा रही है। इससे 3 करोड़ छोटे और मझोले किसानों को फायदा होगा।

वित्त मंत्री ने भारत के तीन करोड़ किसानों को 4.22 लाख करोड़ के लोन में तीन महीने की छूट देने का ऐलान किया। सीतारमण ने कहा कि किसानों को लोन में इनट्रैस्ट में छूट दी जाएगी और जिन किसानों ने अपने लोन का भुगतान नियमित किया है उनको 1 मार्च से मई 2010 के बीच में कुछ छूट प्रदान की जाएगी।
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 2 लाख करोड़ रुपए की मदद
सीतारमण ने कहा कि 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड 25 हजार करोड़ रुपये के लोन के लिए जारी किया गया हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 3 करोड़ किसानों ने 4.22 लाख करोड़ रुपये के लोन पर लोन मोराटोरियम की सुविधा ली है। इसके अलावा ब्याज पर छूट, फसलों पर इंसेंटिव को 31 मई 2020 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। इन पर लोन लिमिट 25 करोड़ होगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में मार्च और अप्रैल महीने में 63 लाख ऋण मंजूर किए गए, जो करीब 86 हजार 600 करोड़ रुपए का है। उन्होंने बताया कि 1 मार्च से 30 अप्रैल 2020 के बीच में किसानों को कृषि के लिए 86 हजार 6 सौ करोड़ के 63 लाख लोन दिए गए। इनमें मार्च 2020 में नाबार्ड ने 29 हजार 500 करोड़ रुपए की रिफाइनैसिंग की है।
30 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त सुविधा दी जाएगी
निर्मला सीतारमण ने बताया कि 29 हजार 500 करोड़ नावार्ड ने कॉपरेटिव और रीजनल रुरल बैंकों को मार्च 2020 में लोन दिया था। छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त सुविधा दी जाएगी। यह नाबार्ड के 90 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त फंड है। यह पैसा कोऑपरेटिव बैक्स के जरिए सरकारों को दिया जाएगा। इसका फायदा 3 करोड़ किसानों को मिलेगा। केन्द्र सरकार ने मार्च 2020 में राज्य सरकारों को रुरल इन्फ्रास्टकचर डेवलपमेंट फंड में 4 हजार 2सौ रुपये दिए गए। सीतारमण ने बताया कि केन्द्र सरकार ने राज्यों में कृषि संबंधी व्यापार करने वाली संस्थानों का वर्किंग कैपिटल लिमिट को 6 हजार 7 सौ करोड़ रुपये किया हैं।












Click it and Unblock the Notifications