CM अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार पद से प्रशांत किशोर ने दिया इस्तीफा, कहा- 'राजनीति से ब्रेक चाहता हूं'
नई दिल्ली, 05 अगस्त। एक बड़ी खबर पंजाब से है, जहां चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस बारे में सीएम अमरिंदर सिंह को एक खत लिखा है, जिसमें उन्होंने ब्रेक लेने की बात कही है। उन्होंने लिखा है कि 'मैं सक्रिय राजनीति से अस्थायी तौर पर ब्रेक चाहता हूं इसलिए आपसे निवेदन है कि कृपया मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त करें, मुझे इस पद के लिए चुनने के लिए आपका शुक्रिया।'

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प्रशांत किशोर का इस्तीफा ,कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। अब जब अगले साल पंजाब में चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में प्रशांत किशोर का यूं पद छोड़ना अपने आप में काफी बड़ी बात है। बता दें कि मार्च 2021 में ही प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार बने थे।

मालूम हो कि हाल ही में प्रशांत किशोर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में एक बैठक में शामिल हुए थे।जिसके बाद पीके के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं। बता दें कि ये मीटिंग 22 जुलाई को हुई थी,जो कि वर्चुअल थी। इस बैठक में कमलनाथ, मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, अजय माकन, आनंद शर्मा, हरीश रावत, अंबिका सोनी और केसी वेणुगोपाल जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। मीटिंग में सभी ने प्रशांत किशोर के नए विचारों की सराहना की थी और कहा था कि अगर वो पार्टी से जुड़ते हैं तो ये अच्छी बात होगी क्योंकि इस वक्त पार्टी को नए विचारों और रणनीति की जरूरत है लेकिन आज प्रशांत किशोर के इस्तीफे ने सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
कौन हैं प्रशांत किशोर
मालूम हो कि प्रशांत किशोर एक कुशल रणनीतिकार के रूप में देश में पहचाने जाते हैं। इन्होंने संयुक्त राष्ट्र के लिए भी 8 सालों तक काम किया है। इनका पहला राजनीतिक अभियान 2011 में नरेंद्र मोदी के लिए था, जब गुजरात के तीसरी बार मोदी सीएम बने थे और इसके बाद ये बीजेपी से जुड़े और साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की थी। चाय पे चर्चा, 3 डी रैली, रन फॉर यूनिटी, मंथन और सोशल मीडिया कार्यक्रम जैसे इनोवेटिव आइडिया इन्हीं के देन रहे हैं। हालांकि इसके बाद वो साल 2016 में कांग्रेस से जुड़े और पंजाब के अमरिंदर सिंह के अभियान में मदद की थी, जिसके बाद पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनी थी। पार्टी की ओर से कहा गया था कि इस जीत में प्रशांत किशोर का भी अहम रोल रहा है।












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