भीमा कोरेगांव केस में हार्ड डिस्क का डाटा रिकवर करने के लिए FBI की मदद लेगी पुणे पुलिस
पुणे। भीमा-कोरेगांव केस में एक जांच के लिए पुणे पुलिस अब अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) की ममद लेगी। दरअसल, पुलिस को आरोपी वरवर राव के घर से एक हार्ड डिस्क मिली थी। टूटी-फूटी इस हार्ड डिस्क से डेटा रिकवर करने के लिए पुलिस एफबीआई की मदद लेगी। भारत के फोरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिस की एक टीम जल्द ही अमेरिका रवाना होगी।

जानकारी के मुताबिक, इस मामले में हार्ड डिस्क से कुछ सबूत मिल सकते हैं। पुणे पुलिस के केस के मुताबिक 31 दिसंबर, 2017 को सीपीआई (माओवादी) के फंड से एल्गार परिषद का आयोजन किया गया, जो सरकार को हटाने की साजिश का एक हिस्सा था। बता दें कि कुछ दिन पहले ही पुणे ग्रामीण पुलिस ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में मिलिंद एकबोटे और संभाजी भिडे सहित 163 लोगों को नोटिस जारी किया था। एक जनवरी को भीमा कोरेगांव मामले की दूसरी वर्षगांठ है। इसके मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने ये नोटिस जारी किया गया था।
गौरतलब है कि 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में हुई यलगार परिषद के बाद 1 जनवरी, 2018 को भीमा-कोरेगांव हिंसा हुई थी। पुणे पुलिस के अनुसार यलगार परिषद का आयोजन प्रतिबंधित माओवादी संगठनों के सहयोग से किया गया था। इस मामले में पुलिस को आनंद तेलतुंबड़े की कई माओवादियों से बातचीत के सबूत मिले थे।












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