किसान आंदोलन से अलग हुआ भारतीय किसान यूनियन (भानु), कहा- हिंसा से आहत हूं
नई दिल्ली। Bhartiya kisan union end protest गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों ने ट्रैक्टर रैली के नाम पर देश की राजधानी में जो उत्पात मचाया है, उससे कई किसान संगठन खफा हैं। भले ही भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत गुट ने खुलकर उस हिंसा का विरोध ना किया हो, लेकिन भारतीय किसान यूनियन के भानु गुट ने हिंसा की घटना को गलत बताया है। दरअसल, भारतीय किसान यूनियन (भानु) के अध्यक्ष ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने कहा है कि कल दिल्ली में जो कुछ भी हुआ, उससे वो बहुत आहत हैं और 58 दिनों के बाद अपने आंदोलन को समाप्त कर रहे हैं।
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने भी खत्म किया आंदोलन
आपको बता दें कि ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर से आंदोलन को खत्म करने की घोषणा की है। भारतीय किसान यूनियन के अलावा राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने भी आंदोलन खत्म करने की घोषणा की है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की तरफ से नेता वीएम सिंह ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं। उनका कहना है कि दिल्ली में हुई हिंसा की घटना से वो भी काफी आहत हुए हैं, हमने किसानों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए कहा था, लेकिन जिस तरह से हिंसा की घटना को अंजाम दिया गया, वो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
इन दोनों संगठनों के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता- राकेश टिकैत
इन दोनों संगठनों के आंदोलन खत्म किए जाने से किसान आंदोलन को क्या फर्क पड़ेगा, इसको लेकर राकेश टिकैत का कहना है कि वो (भाकियू का भानु गुट) तो आंदोलन का हिस्सा थे ही नहीं तो उनके आने या जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। राकेश टिकैत ने कहा है कि सिंघू बॉर्डर पर जिन 10 किसान संगठन आंदोलन का हिस्सा हैं, उनमें ये दोनों संगठन शामिल ही नहीं, इसलिए उनके ना रहने से कोई फर्क नहीं पड़ता।












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