फेसबुक पर खुफिया एजेंसियों की नजर, 5000 की मित्र मंडली स्कैनर में
जयपुर। आतंकी संगठन आईएसआईएस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर देश की खुफिया एजेंसिया सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर बनाये हुए हैं। ऐसे में फेसबुक पर 5000 के करीब मित्र वाली प्रोफाइल पर नजर रखी जा रही है। मोदी पर हमले के लिए ISIS ने बच्चों को बनाया सुसाइट बम, SPG तैनात

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राजस्थान की खुफिया एजेंसी और एटीएस ने फेसबुक के उन अकाउंट को खंगालना शुरु कर दिया है जिनकी फ्रैंड लिस्ट में 5000 के करीब दोस्त हैं। इसकी बड़ी वजह है कि आईएस युवाओं को फेसबुक के जरिए ही संपर्क करता है और यहां लोगों को अपनी ओर खींचने की कोशिश करता है।
हाल ही में एटीएस ने आईएस कमांडर सिराज को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक और व्हाट्सएपर पर लोगों को संपर्क करता था और यहीं से लोगों को अपने साथ जोड़ता था।
सिराज से पूछताछ के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने हजारों फेसबुक अकाउंट पर पैनी नजर रखनी शुरु कर दी है। पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि उन अकाउंट को विशेष तौर पर चुना जाता है जो धर्म पर विशेष तौर पर चर्चा करते हैं।
जिस तरह से सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन आईएस तेजी से पैर पसार रहा है उसने सुरक्षा एजेंसियो को अपनी नीति पर बदलाव करने को भी मजबूर किया है। मुंबई एटीएस ने भी इस तरफ कदम बढ़ाया है।
मुंबई एटीएस ने खुलाया किया है कि तकरीबन 10 से 12 राज्यों में आईएस अपना जाल फैला रखा है। इसके लिए ऑफिस के इंटरनेट का खासा इस्तेमाल किया जा रहा है। मुंबई एटीएस के चीफ विवेक फनसालकर ने कहा कि अभी तक 94 वेबसाइट को ब्लॉक किया जा चुका है।
गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से गिरफ्तार रिजवान भी सोशल मीडिया के माध्यम से ही आईएस से सीधे संपर्क में था। उससे पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि वह आईएस में शामिल होने के लिए सीरिया जाना चाहता था।
रिजवान गोवा के एक होटल में 30 हजार रुपए का कमरा लेक आईए का काम संभाल रहा था। यही नहीं वह भारत में कई जगहों पर विस्फोट की योजना भी बना रहा था। उसके पास से 60 फोन और पांच लाख रुपए से अधिक नगद बरामद किया गया था।












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