कर्नाटक: जानिए शपथ ग्रहण में नए सीएम येदियुरप्पा ने क्यों ओढ़ा था हरा शॉल?
हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद गुरुवार को बीजेपी विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा ने आखिरकार कर्नाटक राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। शपथ के दौरान येदियुरप्पा ने हरे रंग की शॉल ओढ़ी थी और हर किसी का ध्यान इस पर था।
बेंगलुरु। हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद गुरुवार को बीजेपी विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा ने आखिरकार कर्नाटक राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। शपथ के दौरान येदियुरप्पा ने हरे रंग की शॉल ओढ़ी थी और हर किसी का ध्यान इस पर था। गौरतलब है कि बुधवार को कांग्रेस और जेडीएस ने कर्नाटक में बीजेपी को सरकार बनाने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी राहत देते हुए येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी से समर्थक विधायकों की लिस्ट भी मांगी और साथ ही राज्यपाल को दिए गए समर्थन पत्र की भी मांग की है। मामले में अब कोर्ट शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे दोबारा सुनवाई करेगी।
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येदियुरप्पा को आई किसानों की याद
गुरुवार को हरे रंग की शॉल ओढ़कर येदियुरप्पा ने कर्नाटक की जनता की सेवा करने की शपथ ली। येदियुरप्पा हरे रंग की शॉल ओढ़कर कहीं न कहीं खुद को किसानों का प्रतिनिधि बताना चाहते हैं। यहां यह बात भी गौर करने वाली है कि नए सीएम ने ईश्वर के नाम के अलावा, किसानों के नाम पर भी शपथ ली। कर्नाटक राज्य में कम बारिश की वजह से साल 2013 में सूखे के हालात पैदा हो गए थे और कई किसानों को मुश्किल भरे दिन दिनों को देखने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

जन्मदिन पर किसानों के लिए महारैली
फरवरी में जब कर्नाटक के देवानगिरी येदियुरप्पा के 75वें जन्मदिन पर किसानों से जुड़ी महारैली हुई तो उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। येदियुरप्पा ने इस रैली में अपनी जिंदगी किसानों के लिए समर्पित करने का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि अगर उनकी सरकार कर्नाटक में आई तो फिर वह सिंचाई प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए एक लाख करोड़ रुपए की रकम खर्च करेंगे।

पीएम के साथ ओढ़ा हरा रंग
येदियुरप्पा ने कहा था कि राज्य में किसान लगातार सूखे और फसल के नुकसान के चलते भारी समस्या का सामना कर रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने पर वह राज्य के किसानों के कल्याण के लिए ही काम करेंगे। कहीं न कहीं हरे रंग की शॉल ओढ़कर उनका शपथ लेना उनके इसी वादे को भी याद दिलाता है। वैसे उस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भी हरे रंग की शॉल ओढ़ी हुई थी।

मई 2017 से ही बना रहे थे रणनीति
आर्ट्स में बैचलर की डिग्री वाले येदियुरप्पा जो इमरजेंसी के दौरान जेल जा चुके हैं, अपने गृहनगर शिकारीपुर में एक राइस मिल में बतौर क्लर्क काम करते थे। उन्होंने साल 2017 में ही इस बात की तरफ इशारा कर दिया कि साल 2018 का विधानसभा चुनाव वह किसानों के नाम पर लड़ेंगे। उन्होंने मई 2017 में ऐलान कर दिया था कि वह राज्य सरकार पर कृषि ऋण को माफ करने का दबाव बनाने के लिए रैलियां करेंगे।












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