Bengaluru Water Crisis: गर्मी से पहले ही पानी के लिए हाहाकार, 3800 बोरवेल सूखे, आसमान छू रहे टैंकर के दाम
Bengaluru Water Crisis: आईटी सिटी बेंगलुरु में गर्मियों की शुरुआत से पहले ही पानी का संकट तेजी से गहराता जा रहा है। पानी की कटौती का असर आम लोगों के जनजीवन पर बड़े पैमाने पर पड़ सकता है। इसे देखते हुए बर्बादी रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सख्ती भी लागू की गई है। इसके बावजूद लोगों को संकट झेलना पड़ रहा है और शहर के कई हिस्सों में मजबूरी में लोग पानी का टैंकर बुला रहे हैं। बेंगलुरु वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) ने अलर्ट जारी किया है।
BWSSB के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, शहर के करीब 14,000 सरकारी बोरवेलों में से लगभग 3,800 पूरी तरह सूख चुके हैं। शहर के 25% से अधिक स्रोत अब काम नहीं कर रहे हैं। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आम लोगों से पानी का सावधानी से इस्तेमाल करने की अपील की गई है।

Bengaluru Water Crisis: इन इलाकों में पानी का गंभीर संकट
- व्हाइटफील्ड, महादेवपुरा और सरजापुर जैसे आईटी कॉरिडोर क्षेत्रों में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। शहर के इन इलाकों में बड़ी संख्या में आईटी पेशेवर रहते हैं।
- BWSSB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'भूजल स्तर में लगातार गिरावट आई है। हम वैकल्पिक आपूर्ति की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन नागरिकों को भी पानी बचाने में सहयोग करना होगा।'
- जल संकट को देखते हुए कई बड़ी सोसायटियों ने कार वॉश, बागवानी और स्विमिंग पूल उपयोग पर रोक लगा दी है। नियम तोड़ने पर ₹5000 तक जुर्माना लगाया जा रहा है।
Water Crisis: आसमान छू रहे हैं पानी टैंकर के दाम
पानी की कमी का सीधा असर टैंकर दरों पर दिख रहा है। पानी का टैंकर पहले ₹800-₹1000 में मिलता था, अब उसके लिए ₹2000 से ₹2500 तक वसूले जा रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों ने निजी टैंकरों का पंजीकरण अनिवार्य किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कालाबाजारी की शिकायतें जारी हैं। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि अनियमित टैंकरों पर कार्रवाई की जा रही है। नागरिक अधिक दर वसूली की शिकायत हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं।
Bengaluru Water Crisis: कावेरी स्टेज-5 पर टिकी नजर
शहर को राहत देने के लिए कावेरी चरण-5 परियोजना अंतिम चरण में है। इस परियोजना से 110 गांवों और नए विकसित इलाकों को पानी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, तकनीकी देरी के कारण आपूर्ति अभी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है। शहरी जल प्रबंधन विशेषज्ञ प्रो. आर. शिवकुमार कहते हैं, 'बेंगलुरु में पानी संकट के लिए दीर्घकालिक समाधान की जरूरत है। इसके लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और पानी को रीसाइकल करने की आदतों पर जोर देना होगा। सिर्फ कावेरी पर निर्भरता टिकाऊ समाधान नहीं है।'












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