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Bengaluru Twin Tunnel Road Project: 90 मिनट का सफर होगा 25 मिनट में, बनेगी 16.74 किमी की सुरंग

Bengaluru Twin Tunnel Road Project: बेंगलुरु शहर में ट्रैफिक जाम बहुत बड़ी समस्या है और लोगों को रोजाना घंटो इसमें बिताने पड़ते हैं। ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान माने जा रहे 16.74 किलोमीटर लंबे ट्विन-टनल रोड प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। फरवरी 2026 की बिडिंग प्रक्रिया में अडानी ग्रुप सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (L1) बनकर उभरी है। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत से अधिक बोली आने के कारण अंतिम मंजूरी अब कर्नाटक कैबिनेट के फैसले पर निर्भर करेगी।

इस ट्विन टनल रोड प्रोजेक्ट के पूरा होते ही शहर के ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सड़क यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिए मेट्रो नेटवर्क का भी विस्तार चल रहा है। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग बढ़ाने के लिए भी सरकार की ओर से काम चल रहा है।

Bengaluru Twin Tunnel Road Project

Bengaluru Twin Tunnel Road Project: लागत बढ़ी, कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार

- राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹17,698 करोड़ तय की थी, लेकिन अडानी ग्रुप की फाइनेंशियल बिड लगभग ₹22,267 करोड़ तक पहुंच गई है, जो अनुमान से 24-28 प्रतिशत ज्यादा है।

- इस वजह से फाइल को अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के पास भेजा गया है। टेंडर प्रक्रिया में कुल चार कंपनियों अडानी ग्रुप, विश्व समुद्र इंजीनियरिंग, RVNL और दिलीप बिल्डकॉन ने हिस्सा लिया था।

- तकनीकी मूल्यांकन में दिलीप बिल्डकॉन अयोग्य हो गई, जबकि RVNL के साझेदार आवश्यक मानकों पर खरे नहीं उतरे।

Bengaluru Twin Tunnel Road Project: हेब्बल से सिल्क बोर्ड तक बनेगी टनल

यह सुरंग हेब्बल (Esteem Mall) से सेंट्रल सिल्क बोर्ड तक बनेगी और इसे दो पैकेज में विकसित किया जाएगा। फिलहाल इस रूट पर सफर में 60 से 90 मिनट लगते हैं, जबकि टनल बनने के बाद यही दूरी महज 20-25 मिनट में तय हो सकेगी। परियोजना BOOT मॉडल पर आधारित है, जिसमें 40% निवेश सरकार और 60% निजी कंपनी करेगी।

Bengaluru Twin Tunnel Road: कब शुरू होगा काम?

अधिकारियों के अनुसार कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही फरवरी 2026 के अंत तक भूमि-पूजन किया जा सकता है। निर्माण के लिए 50 महीने की समय-सीमा तय की गई है और उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट 2029 के अंत तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

Bengaluru Twin Tunnel Road को लेकर चुनौतियां और विवाद

परियोजना को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं भी सामने आई हैं। प्रस्तावित रूट के लिए लालबाग बॉटनिकल गार्डन की लगभग 6 एकड़ जमीन के उपयोग का विरोध हो रहा है। साथ ही विशेषज्ञों का कहना है कि सुरंग का मौजूदा अलाइनमेंट नम्मा मेट्रो फेज 3A के विस्तार कार्य में अड़चन पैदा कर सकता है। सरकार का दावा है कि यह प्रोजेक्ट बेंगलुरु की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा और आईटी कॉरिडोर को नई रफ्तार देगा। अब सबकी नजर कैबिनेट के फैसले पर टिकी है।

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