Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bengaluru Stampede VIDEO: 'बिना पोस्टमॉर्टम बेटे की लाश लौटा दो', हाथ जोड़कर मां की पुकार से रो पड़े डिप्टी CM

Bengaluru Stampede 2025: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में RCB की जीत का जश्न था, लेकिन उस शाम की खुशी रात होते-होते मातम में बदल गई। भगदड़ में 11 जिंदगियां बुझ गईं, जिनमें एक मां का इकलौता बेटा भी शामिल था। जब कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार अस्पताल पहुंचे, तो उस मां ने हाथ जोड़कर उनसे कहा - 'साहब, मुझे मेरा बेटा बिना पोस्टमॉर्टम के लौटा दो, मैं उसे एक बार गले लगाना चाहती हूं।'

ये वो पल था जब शिवकुमार मीडिया के सामने खुद को रोक नहीं पाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उन्होंने इस घटना को याद किया, तो उनकी आंखें नम थीं, आवाज रुंध गई थी। उन्होंने कहा - 'उस मां की बात सुनकर मेरी आत्मा कांप गई, लेकिन पोस्टमॉर्टम कानूनन जरूरी था। मैं खुद लाचार था।'

Bengaluru stampede 2025

RCB की जीत और बेंगलुरु की वो काली शाम

4 जून को जब RCB ने 18 साल बाद IPL का खिताब जीता, तो बेंगलुरु शहर उमंगों से भर गया। हजारों की भीड़ चिन्नास्वामी स्टेडियम और विधानसौध (कर्नाटक विधानसभा)के आसपास जमा हो गई। लेकिन भीड़ इतनी थी कि पुलिस व्यवस्था बिखर गई। स्टेडियम के गेट टूट गए, लोग एक-दूसरे पर चढ़ते चले गए, और देखते ही देखते भगदड़ ने मासूम जिंदगियों को कुचल डाला।

डिप्टी सीएम की माफी और असहायता

शिवकुमार ने इस त्रासदी पर माफी मांगी और कहा - 'स्टेडियम की क्षमता 35,000 थी लेकिन अनुमान से कहीं ज्यादा भीड़ - करीब 8 लाख लोग - उमड़ पड़ी। हमें अंदाज़ा नहीं था कि एक खेल आयोजन इतना भारी पड़ सकता है। हम इसे टाल सकते थे, लेकिन अब ये अनहोनी हो चुकी है।'

सरकार का 10 लाख का मुआवजा, विपक्ष ने घेरा

सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। वहीं, इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। लेकिन सियासत भी शुरू हो गई है। भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया और केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने डिप्टी सीएम के इस्तीफे की मांग की।

पर सवाल अब भी जिंदा हैं... क्या इस भीड़ का अनुमान पहले नहीं लगाया जा सकता था? क्या प्रशासन को भारी भीड़ के लिए कोई योजना नहीं थी? इस हादसे ने जीत की खुशी को एक मातम में बदल दिया है। RCB ने ट्रॉफी भले जीत ली हो, लेकिन कई परिवारों ने उस दिन अपनों को खो दिया - जिन्हें अब कोई ट्रॉफी या मुआवजा वापस नहीं ला सकता।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+