बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर 22 फीसदी बढ़ा टोल टैक्स, पीएम मोदी ने मार्च में किया था उद्घाटन
मार्च में शुरू हुए बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर 22 फीसदी टोल टैक्स बढ़ा दिया गया है। जानें टोल टैक्स बढ़ाए जाने पर अधिकारियों ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पहले मार्च महीने की शुरूआत में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा शुया किए गए बेंगलुरू-मैसूर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। इस हाईवे के शुरू होने के बाद तुरंत बाद ही NHAI द्वारा टोल टैक्स की दरों में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। ये नई टोल टैक्स दरें अप्रैल से लागू हो रही हैं। हालांकि NHAI के अधिकारियों ने कहा कि वे हर साल टोल टैक्स बढ़ाते हैं, और यह केवल मैसूरु-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे के लिए नहीं है
बता दें केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना (बीएमपी) के हिस्से के तहत 118 किमी लंबे इस बेंगलुरू-मैसूर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 12 मार्च को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और इस राजमार्ग पर गुजरने वाले वाहनों से 14 मार्च को टोल टैक्स लेना शुरू किया गया था। जिसमें अप्रैल से 22 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी है। हालांकि इसके साथ मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के बाद 1 अप्रैल से पुणे-सतारा राजमार्ग पर टोल बढ़ोतरी की घोषणा की गई
बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे का देखें नया टोल-टैक्स रेट कार्ड
- कार से यात्रा कर रहे यात्रियों को 165 रुपये खर्च करने होंगे।
- राउंड ट्रिप के लिए कारों को 250 रुपये चुकाने होंगे।
- मार्च महीने तक कारों, जीपों और वैनों से करने के लिए 135 रुपये और आने-जाने यानी राउंट ट्रिप के लिए 205 रुपये शुल्क था।
जानें अब तक कितना था टोल-टैक्स?
बता दें 9000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे कर्नाटक के दो प्रमुख शहरों के बीच यात्रा के समय को मौजूदा तीन घंटों से घटाकर सिर्फ 75 मिनट कर दिया है। यह एक्सप्रेसवे के दोनों ओर दो लेन की सर्विस सड़कों के साथ छह लेन का हिस्सा है, जो इसे 10 लेन का कॉरिडोर बनाता है।
गौरतल है कि इस एक्सप्रेस हाईवे के उद्धघाटन के बाद 14 मार्च को कर टोल-टैक्स शुरू होने पर एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। विपक्षी दलों और कन्ना समर्थक समूहों ने यह कहते हुए एक्सप्रेसवे को अवरुद्ध कर दिया कि टोल की दरें अनुचित रूप से अधिक हैं। विरोध के बाद, NHAI ने पहले कहा था कि वे 119 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर छोटी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए अधिक तर्कसंगत टोल तय करेंगे।












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