Bengaluru Metro Fare: बेंगलुरु मेट्रो का किराया घटा या बढ़ा? जानें CM के दखल के बाद क्या हुआ बड़ा बदलाव?
Bengaluru Metro Fare Hike: बेंगलुरु के मेट्रो यात्रियों के लिए राहत की खबर है! हाल ही में बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने मेट्रो किराए में भारी बढ़ोतरी की थी, जिससे जनता में नाराजगी फैल गई। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सरकार की फटकार के बाद बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने अपने हाथ खींच लिए हैं।
सोशल मीडिया पर #BoycottMetro ट्रेंड करने लगा, जिससे सरकार को भी जवाब देना पड़ा। अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मुद्दे पर दखल देते हुए किराए की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
किराया बढ़ने से क्यों गुस्से में थी जनता?
- 9 फरवरी को BMRCL ने अचानक मेट्रो किराए में 50% तक बढ़ोतरी कर दी।
- 2 से 4 किमी की यात्रा के लिए टिकट 15 रुपये से बढ़कर 20 रुपये हो गया।
- 30 किमी से ज्यादा यात्रा करने पर किराया 90 रुपये कर दिया गया।
- पिक और नॉन-पिक आवर्स के लिए अलग-अलग रेट तय किए गए।
- हालांकि, स्मार्ट कार्ड धारकों को 10% की छूट भी दी गई।

इस बढ़ोतरी के बाद लोगों में भारी गुस्सा था। सोशल मीडिया पर #BoycottMetro ट्रेंड करने लगा और यात्रियों ने मेट्रो का बहिष्कार करने की धमकी दी।
सीएम सिद्धारमैया का दखल और किराए पर पुनर्विचार
जनता के आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने BMRCL को किराए की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा कि 'मेट्रो किराए में असामान्य वृद्धि हुई है, इसे कम किया जाना चाहिए।' उन्होंने BMRCL के प्रबंध निदेशक को कहा कि जहां-जहां किराए में बिना किसी ठोस वजह के बढ़ोतरी हुई है, वहां किराया घटाया जाए।
राजनीति भी हुई तेज!
- मेट्रो किराया बढ़ोतरी को लेकर सरकार और विपक्ष में भी बहस छिड़ गई।
- राज्य कांग्रेस ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
- बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा, "सिद्धारमैया को पहले ही कदम उठाना चाहिए था, लेकिन देर आए दुरुस्त आए!"
- उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सफाई दी कि यह फैसला BMRCL की स्वतंत्र समिति ने लिया था, राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी।
BMRCL ने क्यों बढ़ाया किराया?
बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) केंद्र और कर्नाटक सरकार के 50-50% हिस्सेदारी वाला जॉइंट वेंचर है।
- 2017 से अब तक कोई किराया संशोधन नहीं हुआ था, इसलिए BMRCL ने केंद्र सरकार से संशोधन की अनुमति मांगी।
- केंद्र ने किराया तय करने के लिए एक स्वतंत्र समिति बनाई, जिसने दिल्ली और चेन्नई मेट्रो का भी अध्ययन किया।
- दिसंबर 2024 में समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश की, जिसमें किराए की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई थी।
सीएम ने किराए में विसंगतियों पर जताई चिंता
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि कुछ रूट्स पर किराया दोगुना से भी ज्यादा हो गया है, जो गलत है। उन्होंने BMRCL को तुरंत इन विसंगतियों को ठीक करने का आदेश दिया। अब देखना यह होगा कि BMRCL जनता की बात मानकर किराए में कटौती करता है या नहीं!












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