बेंगलुरु हिंसा: क्राइम ब्रांच ने SDPI के ऑफिस में चलाया सर्च ऑपरेशन
नई दिल्ली। बेंगलुरु में अगस्त महीने में हुई हिंसा के मामले में बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई के ऑफिसों पर सर्च अभियान चलाया। इसके लिए पुलिस ने कोर्ट से वारंट लिया था जिसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई गईं। इन टीमों ने एसडीपीआई के तीन ऑफिस में पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया।

पूर्वी बेंगलुरु के डीजी हल्ली और केजी हल्ली इलाके में 11 अगस्त की रात एक फेसबुक पोस्ट को लेकर हिंसा भड़क गई थी। आरोप था कि बेंगलुरू से कांग्रेस के दलित विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के एक रिश्तेदार नवीन ने फेसबुक पर आपत्तिजनकर पोस्ट डाली थी। इसके खिलाफ लोग आक्रोशित लोग थाने पहुंचे और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। इस दौरान भीड़ उग्र हो गई और थाने के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। एक दूसरी भीड़ कांग्रेस विधायक के घर पहुंच गई और तोड़फोड़ शुरू करते हुए आगजनी कर दी।
फायरिंग में हुई थी तीन की मौत
पुलिस को हिंसा रोकने के लिए फायरिंग करनी पड़ी थी जिसमें तीन लोग मारे गए थे। मामले में कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति ने वीडियो जारी कर मुसलमान समुदाय से शांति की अपील की थी। विधायक ने वीडियो संदेश में मुसलमानों को आश्वासन दिलाया था कि वे उनके साथ हैं और दोषियों को सजा दिलाएंगे।
घटना के एक दिन बाद राज्य के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा था कि हिंसा में शामिल होने को लेकर सरकार पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा था कि पुलिस को निर्देश दे दिए गए हैं। कोई कितना भी बड़ा आदमी क्यों न हो, हम लोग सुनिश्चित करेंगे कि कड़ी कार्रवाई हो। बेंगलुरु पुलिस ने भी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में एसडीपीआई के कई कार्यकर्ताओं को हिंसा फैलाने के लिए चिह्नित किया था। मामले में पुलिस ने एसडीपीआई के दस लोगों को गिरफ्तार किया है।
इसी मामले में मंगलवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने एसडीपीआई के बेंगलुरु स्थित तीन ऑफिसों में पहुंचकर जांच की।












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