Bengaluru Business Corridor: 18 महीने में पूरा होगा 74 किमी का मेगा प्रोजेक्ट, मिलेगी जाम से मुक्ति
Bengaluru Business Corridor: बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम बहुत बड़ी समस्या है। शहर को घंटों लंबे महाजाम से मुक्ति दिलाने के लिए बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर (BBC-1) परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बताया कि पहले पेरीफेरल रिंग रोड (PRR) के नाम से यह योजना जमीन पर उतरने वाली थी। अब इसे बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर के नाम से जाना जाएगा।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मेगा प्रोजेक्ट को अगले डेढ़ साल के अंदर पूरा करने का डेडलाइन तय किया गया है। सरकार का दावा है कि यह कॉरिडोर शहर के ट्रैफिक दबाव को करीब 40 प्रतिशत तक कम कर देगा। 74 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से बेंगलुरु के बाहरी इलाकों को आपस में जोड़ा जाएगा।

Bengaluru Business Corridor: शहर का ट्रैफिक दबाव 40% होगा कम
- विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर केवल ट्रैफिक समाधान ही नहीं, बल्कि बेंगलुरु की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा।
- इसके आसपास नए बिजनेस पार्क, लॉजिस्टिक हब और आवासीय टाउनशिप विकसित होंगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आईटी और स्टार्टअप सेक्टर को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
- डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि इस कॉरिडोर के बनने के बाद ट्रैफिक का दबाव 40 फीसदी तक कम हो सकता है।
बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर के बनने के बाद भारी और लंबी दूरी का ट्रैफिक शहर के अंदर नहीं आएगा। बाहरी हिस्से से ही निकल जाएगा। इससे खास तौर पर आउटर रिंग रोड, व्हाइटफील्ड, इलेक्ट्रॉनिक सिटी और येलहंका जैसे व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Bengaluru News: भूमि अधिग्रहण का काम पूरा
परियोजना की राह में सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण थी, लेकिन अब सरकार को बड़ी सफलता मिली है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बताया, 650 से अधिक भू-स्वामी अपनी जमीन देने के लिए सहमत हो चुके हैं। यह सहमति परियोजना को समय पर पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। सरकार ने प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों के लिए बेहतर मुआवजा और पुनर्वास पैकेज देने का भरोसा भी दिया है।
Bengaluru Business Corridor Update: पीपीपी मॉडल से होगा निर्माण पूरा
राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आगे बढ़ा रही है। निर्माण के साथ-साथ स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सर्विस रोड, अंडरपास और इंटरचेंज जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। अगर तय समय सीमा में यह परियोजना पूरी होती है, तो बेंगलुरु देश का पहला ऐसा महानगर बन सकता है जहाँ बाहरी ट्रैफिक के लिए पूरी तरह समर्पित बिजनेस कॉरिडोर उपलब्ध होगा। शहर के लाखों यात्रियों के लिए यह किसी बड़ी सौगात से कम नहीं होगी।












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