बेंगलुरु बेड स्कैम का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, IPS अधिकारी की निगरानी में जांच के आदेश
बेंगलुरु, 12 मई: पूरे देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर कहर बरपा रही, जिससे दक्षिण भारत का राज्य कर्नाटक भी बुरी तरह प्रभावित है। कुछ दिनों पहले वहां पर बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के कोविड वॉर रूम में बेड घोटाले का मामला सामने आया था। आरोप है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारी बेड दिलाने के नाम पर रिश्वत ले रहे थे। जिसका मामला बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने जोर-शोर से उठाया। वहीं दूसरी ओर बुधवार को इस मामले की सुनवाई कर्नाटक हाईकोर्ट में हुई। जिस पर कोर्ट ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार को मामले की जांच के लिए साइबर विंग सहित पुलिस अधिकारियों की एक टीम गठित करने के निर्देश दिए। जिसकी निगरानी एक वरिष्ठ IPS अधिकारी करेंगे। इस पर राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के लिए अधिकारियों की एक टीम पहले ही नियुक्त की गई थी। जिसकी निगरानी दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
एक और बड़ी कार्रवाई
वहीं पुलिस टीम के हाथ बुधवार को एक और बड़ी सफलता लगी, जहां सप्तगिरि अस्पताल में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत एंथोनी को गिरफ्तार किया गया है। एंथोनी पर पैसे लेकर मरीजों को बेड दिलाने का आरोप लगा है। ऐसे में अब गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 10 हो चुकी है, जिसमें से दो कोरोना संक्रमित भी हैं।
बीजेपी सांसद का था ये आरोप
अभी हाल ही में बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया था कि बेंगलुरु के कोविड वॉर रूम में बेड घोटाला चल रहा है, जहां पर मरीजों को बेड दिलाने के नाम पर रिश्वत ली जा रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वॉर रूम में बैठे कुछ लोग, बाहर के एजेंट्स की मदद से मरीजों के लिए बेड्स को रिजर्व रखते हैं। अगर कोई मरीज मोटी रकम देता है, तो उसे बेड मिल जाता है, लेकिन अगर कोई फोन के जरिए पूछता है तो उसे मना कर दिया जाता है।












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