Bengal Sir: चुनाव आयोग के साथ मीटिंग के बाद Abhishek Banerjee का आरोप, 'CEC मुझे उंगली दिखा रहे थे'
Bengal Sir Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट संशोधन (SIR) के मुद्दे पर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) संसद से लेकर सड़क तक इसका विरोध कर रही है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ अपनी पार्टी के 10 सांसदों के साथ मीटिंग की।
मीटिंग के बाद उन्होंने अधिकारियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चुनाव आयोग के साथ करीब ढाई घंटे चली बैठक को टीएमसी सांसद ने बेनतीजा बताया। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान CEC ने उनसे ऊंची आवाज में बात की थी।

अभिषेक बनर्जी और ज्ञानेश कुमार के बीच हुई झड़प
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने मीटिंग के बाद कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया। बनर्जी ने कहा, 'CEC जब मुझे उंगली दिखा रहे थे और तल्ख लहजे में बात कर रहे थे, तो मैने उनसे स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। हम निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और जनता की नुमाइंदगी करते हैं। चुनाव आयुक्त मनोनीत पद पर हैं।' टीएमसी महासचिव ने यह भी कहा कि मैंने ज्ञानेश कुमार से कहा कि हम किसी के दास या गुलाम नहीं हैं और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा रखते हैं।
Abhishek Banerjee ने आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
बैठक में TMC के 10 सांसदों और पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़ी गड़बड़ियों पर सवाल उठाए। टीएमसी का कहना है कि आयोग की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बनर्जी का आरोप है कि 28 नवंबर को भी आयोग से सवाल पूछे गए थे, लेकिन तब भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि आयोग के अधिकारियों ने उन्हें उंगली दिखाई जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि उंगली नीचे करके बात करें।
Bengal Sir: वोटर लिस्ट में सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम से हेरफेर का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि अब देश में EVM के बजाय वोटर लिस्ट में सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम के ज़रिए हेरफेर कर वोट चोरी की जा रही है। उन्होंने SIR प्रक्रिया के त्रुटिपूर्ण होने का दावा करते हुए कहा कि 1.36 करोड़ मामलों में 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' का दावा किया गया है। अब तक इसकी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ECI ऐप में दस्तावेज़ जमा होने के बावजूद नोटिस जारी नहीं किए जा रहे हैं। सॉफ्टवेयर के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
TMC नेता ने आरोप लगाया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुज़ुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है। उन्हें घंटों फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बैठाया जा रहा है। आयोग को इस पर ध्यान देना चाहिए।
TMC सांसद का आरोप, SIR के जरिए प्रदेश को बदनाम करने की कोशिश
अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर बंगाल को बदनाम करने का आरोप लगाया। टीएमसी महासचिव ने कहा कि अगर 58 लाख लोगों की सूची बनाई गई है, तो यह साफ किया जाए कि उनमें कितने अवैध प्रवासी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश के 11 राज्यों में SIR चल रहा है। सबसे ज़्यादा सख्ती पश्चिम बंगाल में की जा रही है, जबकि यहां डिलीशन की संख्या सबसे कम है।
कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर भी साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस, AAP और RJD सहित विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव जमीन पर लड़े जाते हैं। टीएमसी सांसद ने कहा कि विपक्ष को समझना होगा कि वोट चोरी अब EVM से नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट और सॉफ्टवेयर के जरिए की जा रही है। उन्होंने वोट चोरी के कांग्रेस के दावों को दोहराते हुए कहा भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में भी इसी तरीके से जीत हासिल की है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले मतदाता तय करते थे कि सरकार कौन बनाएगा? अब सरकार तय कर रही है कि वोट कौन डालेगा। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2026 में बंगाल में बीजेपी के हारने का दावा करते हुए कहा कि जनता भाजपा को हराएगी।












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