Bengal Election Phase 1 Voting: बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग, इन हॉट सीटों पर टिकी नजर

Bengal election 2026 phase 1 voting: पश्चिम बंगाल में सत्ता के महाकुंभ का आगाज हो चुका है। आज, 23 अप्रैल को राज्य विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल के जंगलमहल तक की 152 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद होगी।

सुबह 7:00 बजे से पोलिंग बुथ पर मतदान शुरु होगा। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शाम 6:00 बजे तक वोट डाले जाएंगे, हालांकि कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन ने समय 5:00 बजे तक ही सीमित रखा है।

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पहले चरण में 16 जिलों के 152 सीटों पर महामुकाबला

पहले चरण में बंगाल के राजनीतिक मिजाज को तय करने वाले 16 महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। इनमें उत्तर बंगाल की पहाड़ियों से लेकर मेदिनीपुर के तटीय इलाके और जंगलमहल के आदिवासी बेल्ट तक का क्षेत्र शामिल है। पहले चरण में पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, कूचबिहार, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिले हैं।

इन 'हॉट सीटों' पर टिकी है नजर

पहले चरण की 152 सीटों में से कुछ ऐसी सीटें हैं जहां मुकाबला व्यक्तिगत साख और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।

1. नंदीग्राम (Nandigram): शुभेंदु अधिकारी बनाम पवित्र कर

राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट। यहां से भाजपा के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी मैदान में हैं। 2021 में ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु इस बार टीएमसी के पबित्र कर से मुकाबला कर रहे हैं, जो कभी शुभेंदु के ही करीबी सहयोगी हुआ करते थे।

2. खड़गपुर सदर (Kharagpur Sadar): दिलीप घोष की वापसी

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष एक बार फिर अपनी पुरानी सीट खड़गपुर सदर से ताल ठोक रहे हैं। उनके सामने टीएमसी के प्रदीप सरकार हैं। यह सीट मेदिनीपुर की राजनीति का केंद्र मानी जाती है।

3. बहरामपुर (Baharampur): अधीर रंजन चौधरी का शक्ति प्रदर्शन

कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई है। 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद, वे विधानसभा के जरिए अपनी जमीन वापस पाने की कोशिश में हैं। उनका मुकाबला भाजपा के मौजूदा विधायक सुब्रत मैत्रा से है।

4. कूचबिहार और सिलीगुड़ी

उत्तर बंगाल की इन सीटों पर भाजपा अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है, जबकि टीएमसी ने इस बार उत्तर बंगाल के लिए विशेष रणनीतियां बनाई हैं। निशिथ प्रमाणिक (माथाभांगा) और डॉ. शंकर घोष (सिलीगुड़ी) जैसे चेहरों पर सबकी नजरें हैं।

वोटिंग के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ड्रोन और वेबकास्टिंग

दांतन में हुई हिंसा की घटना के बाद चुनाव आयोग ने पहले चरण के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। केंद्रीय बल के 800 से अधिक कंपनियों को संवेदनशील बूथों पर तैनात किया गया है। 50% से अधिक पोलिंग बूथों की लाइव वेबकास्टिंग सीधे चुनाव आयोग के कंट्रोल रूम में की जा रही है। जंगलमहल के घने जंगलों और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से नजर रखी जा रही है।

राजनीतिक समीकरण: साख की लड़ाई

पहले चरण की ये 152 सीटें तय करेंगी कि बंगाल की सत्ता की चाबी किसके पास जाएगी। 2021 में भाजपा ने उत्तर बंगाल और जंगलमहल में शानदार प्रदर्शन किया था, जबकि टीएमसी ने दक्षिण बंगाल में अपना किला बचाया था। इस बार भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और स्थानीय हिंसा जैसे मुद्दे हावी हैं।

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