Bengal Election:'152 में 110 सीटें जीतेगी भाजपा, घुसपैठ मुक्त बनेगा बंगाल', बंपर वोटिंग के बाद बोले अमित शाह
Amit Shah On Voter Turnout: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का पहला चरण खत्म होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि भाजपा की सरकार 4 मई के बाद बंगाल में बनने जा रही है। अमित शाह ने यह भी कहा कि भाजपा 152 से 110 सीटें जीत सकती है। 16 जिलों की 152 सीटों पर पहले चरण में मतदान हुआ।
अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता बदलाव चाहती है और 4 मई के बाद राज्य की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो सकता है। शाह का दावा है कि बंगाल की जनता ने इस बार 'परिवर्तन' के लिए रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग की है और 4 मई को नतीजे आते ही ममता बनर्जी की सरकार की विदाई तय है। 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर पहले चरण में मतदान हुआ। इनमें से 52 सीटों पर तो वोटिंग का प्रतिशत 92.88% तक पहुंच गया।

▶️अमित शाह ने कहा- 152 में से 110+ सीटें जीतने का दावा
अमित शाह ने अपनी चुनावी रणनीति और फीडबैक के आधार पर एक बड़ा आंकड़ा पेश किया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण की वोटिंग के बाद भाजपा ने जो आंतरिक आकलन किया है, उसके मुताबिक पार्टी 152 में से 110 से ज्यादा सीटें जीतने जा रही है।
अमित शाह बोले,
"बंगाल की जनता ने पहले चरण में ही अपना भविष्य तय कर दिया है। कविगुरु टैगोर, महान सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस की भूमि ने विकास को चुना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो विकास यात्रा चल रही है उसमें बंगाल भी जुड़ने वाला है, यह मतदाताओं ने स्पष्ट कर दिया है। दीदी जाने वाली है, भाजपा आने वाली है। भय जाने वाला है, भरोसा आने वाला है। 152 में से 110 से ज्यादा सीटें भाजपा जीतने जा रही है, इसका अर्थ है कि दूसरे चरण के चुनाव के बाद हम प्रचंड बहुमत से शुद्ध रूप से भाजपा सरकार बनाने वाले हैं।"
अमित शाह ने कहा, "बंगाल की जनता ने पहले ही चरण में अपना भविष्य तय कर लिया है। दूसरे चरण के मतदान के बाद राज्य में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनना निश्चित है।" उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे पुराने डरावने चुनावों को भूल जाएं और बंगाल के सुनहरे भविष्य के लिए निडर होकर मतदान करें।
अमित शाह ने कहा, ''राज्य में सत्ता विरोधी माहौल काफी मजबूत है और पिछली बार भी जनता में बदलाव की भावना दिखाई दी थी। हालांकि, उस चुनाव में वोटिंग पूरी तरह निष्पक्ष और डरमुक्त माहौल में नहीं हो पाई थी। कई जगहों पर बूथ कब्जाने और विपक्षी कार्यकर्ताओं को मतदान से रोकने जैसी घटनाएं सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि इस बार मतदाता सूची की साफ-सफाई की गई है, फर्जी नाम हटाए गए हैं और प्रशासन, पुलिस, केंद्रीय बलों के साथ चुनाव आयोग ने मिलकर सुरक्षित और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने की कोशिश की है।''
▶️महिलाओं ने तोड़े रिकॉर्ड: आधी आबादी का 'ममता' से मोहभंग?
इस चुनाव की सबसे बड़ी हाईलाइट महिला मतदाताओं की भागीदारी रही है। आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में पुरुषों (90.92%) के मुकाबले महिलाओं ने 92.69% वोट डालकर एक नया इतिहास रच दिया है। वहीं, ट्रांसजेंडर समुदाय ने भी 56.79% मतदान कर अपनी सक्रियता दिखाई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल में महिला वोटर हमेशा से ममता बनर्जी का मजबूत किला रही हैं। लेकिन शाह के चेहरे की मुस्कान बताती है कि भाजपा को लगता है कि इस बार महिलाओं का यह 'बंपर वोट' सुरक्षा और विकास के नाम पर भगवा खेमे में गिरा है।
अमित शाह ने कहा, ''अमित शाह ने कहा, "बंगाल की मुख्यमंत्री यह अफवाह फैला रही हैं कि अगर बंगाल में भाजपा आई तो बाहरी लोग शासन करेंगे, मैं दीदी को बताना चाहता हूं कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री बंगाल में जन्मा, बंगाली मीडियम में पढ़ा-लिखा और बंगाली भाषी होगा। वह आपका भतीजा नहीं भाजपा का कार्यकर्ता होगा।"
▶️अमित शाह बोले- पहली बार नहीं हुई हिंसा
बंगाल और चुनावी हिंसा का पुराना नाता रहा है, लेकिन अमित शाह ने इस बार चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों (CAPFs) की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में एक 'अजूबा' है कि बंगाल जैसे राज्य में पहले चरण के दौरान एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई।
मित शाह ने कहा, "मैं कुछ आंकड़ें भी देना चाहता हूं। 2016 के चुनाव में 1278 लोग घायल हुए थे, 2021 में 1681, 2023 के पंचायत चुनाव में 664 और 2024 के आम चुनाव में 761। उसकी तुलना में 30 से कम लोग कल घायल हुए हैं। यह बताता है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और मृत्यु का आंकड़ा एक भी नहीं है। यह जो मतदान बढ़ा है, वह भाजपा सरकार बनाने, परिवर्तन का संकेत है।"
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि यह बंगाल में 'सुशासन के नए युग का सवेरा' है। उन्होंने कहा कि लोग अब डर के साये से निकलकर भरोसे की ओर बढ़ रहे हैं। चुनाव आयोग ने रैगिंग और बूथ कैप्चरिंग को रोकने के जो कड़े इंतजाम किए, उसका असर जमीन पर साफ दिखा।
▶️घुसपैठ और तुष्टीकरण पर बड़ा प्रहार
अमित शाह ने भाजपा के मुख्य एजेंडे को दोहराते हुए कहा कि बंगाल में बदलाव का असली मतलब है- राज्य को घुसपैठ और तुष्टीकरण की राजनीति से मुक्त करना। उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बंगाल में हजारों हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा है। शाह ने वादा किया कि असम की तर्ज पर बंगाल में भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा और उस जमीन का इस्तेमाल राज्य के विकास के लिए किया जाएगा।
▶️29 अप्रैल और 4 मई पर टिकी निगाहें
बंगाल चुनाव का पहला पड़ाव शांतिपूर्ण और भारी मतदान के साथ खत्म हो गया है। अब सारी नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर हैं। अमित शाह ने दूसरे चरण के वोटरों से भी अपील की है कि वे 'भयमुक्त' होकर वोट डालें।
क्या अमित शाह का 110+ सीटों का दावा सच होगा? या ममता बनर्जी अपनी 'साख' बचाने में कामयाब रहेंगी? इसका फैसला 4 मई को मतगणना के दिन होगा। फिलहाल, बंगाल की हवाओं में बदलाव की गूंज सुनाई दे रही है, जिसे अमित शाह ने 'दीदी की विदाई' का संकेत मान लिया है।












Click it and Unblock the Notifications