अफवाह फैलाने के आरोप में बीजेपी सांसद के खिलाफ केस दर्ज

कोलकाता। पश्चिम बंगाल जिले के बांकुड़ा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुभाष सरकार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बीजेपी सांसद सुभाष सरकार के खिलाफ अफवाह फैलाने के आरोप में भारतीय दंड संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम (डीएमए), 2005 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। बीजेपी सांसद पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दो शवों के दाह संस्कार को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप है।

कोरोना को लेकर दी थी गलत जानकारी

कोरोना को लेकर दी थी गलत जानकारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस नेता जयदीप चट्टोपाध्याय ने बांकुड़ा सदर पुलिस थाने में सांसद सुभाष सरकार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि, भाजपा सांसद ने सोशल मीडिया पर कहा था कि अधिकारियों ने दो शवों के दाह संस्कार में गलती की और दावा किया कि उन दोनों की कोरोना वायरस से मौत हुई थी। सुभाष सरकार के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 15 अप्रैल की चेतावनी के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोविड-19 को लेकर गलत सूचना फैलाने वाले लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

भाजपा सांसद के खिलाफ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम में मामला दर्ज

भाजपा सांसद के खिलाफ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम में मामला दर्ज

भाजपा सांसद सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के सेक्शन 54 और आइपीसी की धारा 505 (1)/188 के तहत मामला दायर किया गया है। यहा मामला बांकुड़ा पुलिस स्टेशन में 14 अप्रैल को दर्ज करवाया गया। प्रशासन की भूमिका की आलोचना करते हुए सरकार ने कहा, 'मैंने दो शवों के गुप्त रूप से दफनाने का मुद्दा उठाया था। अच्छी बात ये रही कि उनमें से किसी का भी कोरोना पॉजिटिव नहीं निकला। लेकिन जिस तरह की गोपनीयता अपनाई गई और जिस तरह से दफनाया गया, उससे लोगों में दहशत फैल गई। सरकार ने इस मामले पर 13 अप्रैल को सोशल मीडिया पर शेयर किया था।

अन्य बीजेपी सांसद का दावा-उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया

अन्य बीजेपी सांसद का दावा-उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया

वहीं, एक अन्य सांसद अलीपुरद्वार के जॉन बारला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन द्वारा उन्हें 'हाउस अरेस्ट' के तहत रखा गया है। भाजपा के सांसद जॉन बारला ने अमित शाह को 15 अप्रैल को लिखा और आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर 40 पुलिसकर्मी तैनात हैं, ताकि वह घर से बाहर निकल सकें। बारला ने कहा, 'प्रशासन तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को राहत सामग्री बांटने में सुविधा प्रदान कर रहा है, मगर जब मैं जरूरतमंद लोगों को राहत देने के लिए बाहर गया तो उन्होंने सभी सामग्रियों को जब्त कर लिया और मुझे घर वापस ले आए। यह एक घोर अन्याय है।'

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