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    करगिल युद्ध से पहले लाहौर पहुंचकर नवाज शरीफ से वाजपेयी लगे थे गले और फिर कही थी ये बात...

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    नई दिल्ली। अटल बिहारी वाजपेयी ने 1999 में लाहौर के लिए बस से यात्रा की थी और अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ को गले लगाकर एक प्यारी छवि को हमेशा के लिए ऐसा छोड़ा जो आगे जाकर दोनों देशों के बीच आशा की प्रतिक बन गई थी। अटल बिहारी वाजपेयी लंबे समय से बीमारी चल रहे थे और आखिरकार 93 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। अपने दौर में अमृतसर से लाहौर के लिए एक बस सेवा शुरू कर अटल बिहारी वाजपेयी ने दोनों देशों के बीच एक अभूतपूर्व कूटनीति रिश्तों की शुरुआत की। इस दौरान वाजपेयी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ अभिनेता देव आनंद, लेखक जावेद अख्तर और क्रिकेट खिलाड़ी कपिल देव को भी ले गए थे।

    लाहौर पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा...

    लाहौर पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा...

    इस कदम को भारत-पाक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत के रूप में सभी ने प्रशंसा की थी। बस से पहली बार लाहौर पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा,'मैं अपने साथी भारतीयों की सद्भावना और आशा लेकर आया हूं, जो पाकिस्तान के साथ शांति और सद्भाव कायम रखने की तलाश में हैं ... मुझे पता है कि यह दक्षिण एशियाई इतिहास में एक निश्चित क्षण है और मुझे आशा है कि हम चुनौती में वृद्धि कर सकेंगे।'

    वाजेपीय की लाहौर यात्रा के बाद करगिल युद्ध छिड़ा

    वाजेपीय की लाहौर यात्रा के बाद करगिल युद्ध छिड़ा

    दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच वार्ता के बाद, लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए। जिसके तहत अन्य बातों के साथ-साथ यह सहमति हुई कि दोनों पक्ष परमाणु हथियारों के आकस्मिक या अनधिकृत उपयोग के जोखिम को कम करने के उपायों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध थे। हालांकि, यात्रा के कुछ महीने बाद, पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के करगिल में उनकी सेना भेजकर वाजपेयी की पूरी कोशिशों पर पानी फेर दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच नए संघर्ष की शुरुआत हो गई।

     2001 में बुलाया था मशर्रफ को

    2001 में बुलाया था मशर्रफ को

    पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर ने कहते हैं कि भारत-पाक संबंधों में अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान कुछ ऐसा था जैसे "खुद को दोनों देशों को एक-दूसरे के साथ निकटता में लाने में बड़ी पहल करते थे।" कहा जाता है कि अटल बिहारी वाजपेयी हमेशा कूटनीति को एक मौका देने में विश्वास करते थे, यही वजह है कि उन्होंने 2001 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को दो दिवसीय आगरा शिखर बैठक के लिए भारत में आमंत्रित किया था।

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    English summary
    Before Kargil, Atal Bihari Vajpayee Took Bus To Lahore, Hugged Nawaz Sharif
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