La-Nina की वजह से इस बार पड़ेगी हाड़ कंपाने वाली सर्दी, अब तेजी से लुढ़केगा पारा: IMD
नई दिल्ली। दिवाली के बाद उत्तर भारत में मौसम ने करवट ली है,रविवार से ही देश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो रही है,जिसकी वजह कई इलाकों में पारा लुढ़क गया है तो वहीं भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि इस बार हर साल की तुलना में ज्यादा ठंड पड़ने वाली है, क्योंकि ये 'ला नीना' वर्ष है। आपको बता दें कि ये 120 साल में 40वां 'ला नीना' वाला साल है, जिसकी वजह से इस साल ठिठुरन, शीतलहर, कोहरा और गलन का ज्यादा सामना लोगों को करना पड़ेगा, विभाग के मुताबिक इस बार 20 दिसंबर से लेकर 20 जनवरी तक कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है।

IMD ने कहा है कि 'ला नीना' एक्टिव है, जिसकी वजह से आने वाले 4-5 दिनों में तापमान में तेजी से गिरावट आएगी , जिसके कारण ओडिशा समेत देश के कई इलाकों में अब कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है, गौरतलब है कि 'ला नीना' की वजह से तापमान में गिरावट होती है, जिसके कारण सर्दी पहले शुरू हो जाती है, विभाग ने कहा है कि साल 2020,पिछले 10 सालों में सबसे ठंडा साल होने वाला है।
La-Nina की स्थिति शीत लहर की स्थिति के लिए अनुकूल
गौरतलब है कि भारत के मौसम विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने पहले ही में कहा था कि मौजूदा मौसम की वजह से इस मौसम में सर्दी अधिक हो सकती है। हम इस साल और अधिक ठंड की उम्मीद कर सकते हैं क्योंकि La-Nina की स्थिति शीत लहर की स्थिति के लिए अनुकूल है, मालूम हो कि ला-नीना (La-Nina) भी मानसून का रुख तय करने वाली सामुद्रिक घटना है।
कोरोना के लिए खतरनाक मौसम है सर्दी
आपको बता दें कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के पूर्व प्रमुख डॉ. स्कॉट गोटलिब ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि कोरोना वायरस सर्दी में बहुत मजबूत हो जाएगा इसलिए अगर सही ढंग से ध्यान नहीं दिया गया तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है, फिलहाल हर किसी को इस समय कोरोना वायरस से बचने के लिए बताई गई गाइडलाइनों का सख्ती से पालन करना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक सावधानी ही बचाव है।












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