BATA: 70 देशों में 18 हजार करोड़ का बिजनेस, 32 हजार कर्मचारी, सबसे बड़े फुटवियर रिटेलर के CEO भी भारतीय
बाटा फुटवियर इंडस्ट्री में किसी परिचय की मोहताज नहीं। 70 देशों में बिजनेस कर रही इस कंपनी में 32 हजार से अधिक कर्मचारी हैं। 129 साल पहले शुरू हुई कंपनी युवाओं के बीच भी बेहद लोकप्रिय है। जानिए, जमीं से आसमां तक का सफर

Bata Footwear किसी परिचय का मोहताज नहीं। भारत में 93 साल पहले इस कंपनी का कारोबार शुरू हुआ। यूं तो बाटा शू कंपनी 1894 में ही बन चुकी थी, लेकिन 129 साल पहले अस्तित्व में आई इस कंपनी का जिक्र इसलिए क्योंकि बड़े-बड़े बिजनेस स्कूल में इसकी मिसाल दी जाती है। फर्श से अर्श तक का सफर तय करने वाली बाटा की कामयाबी की कहानी दुनियाभर में मैनेजमेंट की स्टडी करने वाले लोगों के बीच प्रेरणा का स्रोत है। जानिए 70 देशों में 18 हजार करोड़ से अधिक का बिजनेस करने वाली सबसे बड़े फुटवियर रिटेलर की सक्सेस स्टोरी।
दशकों पहले जूते जापानी हुआ करते थे
आज से 72 साल पहले जब शोमैन राज कपूर पर जूते को लेकर गाना फिल्माया गया तो जापान में बनने वाले फुटवियर की खूब चर्चा हुई। भारत की आजादी से चार साल पहले बनी फिल्म आवारा का गाना, 'मेरा जूता है जापानी' गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी ये सदाबहार नगमा लोगों की जुबान पर है।
कभी नंगे पैर ओलंपिक! अब इंडियन फुटवियर की धाक
आजादी के पहले एशियाई मुल्क जापान जूतों के कारोबार में सिरमौर हुआ करता था। हालांकि, कभी जूते पहनकर खेलों के महाकुंभ- ओलंपिक तक में न खेलने वाला देश भारत आज जूतों के सबसे बड़े बाजारों में एक है। भारत में जूतों की बात होते ही बाटा का नाम सबसे आसानी से जुबान पर आता है।
दो बार दिवालिया हुई, अब दुनिया में 12वीं सबसे बड़ी कंपनी
बाटा की सक्सेस स्टोरी MBA की पढ़ाई करने वाले लोगों के बीच पढ़ाई जाती है। शुरुआत बाटा के रोचक इतिहास से करते हैं। सबसे खास बात ये कि देसी लगने वाली कंपनी बाटा की जड़ें भारतीय नहीं हैं। आर्थिक तंगी के कारण एक ऐसा समय भी आया था जब बाटा दिवालिया हो गई, लेकिन दोबारा अपने पैरों पर खड़ी होने वाली ये कंपनी 1930 में भारत में आने के बाद कारोबार शुरू करती है। भारत में करीब 30 फीसद से अधिक मार्केट पर बाटा के उत्पादों का कब्जा है। मार्केट कैप के लिहाज से बाटा दुनिया की 12वीं सबसे बड़ी कंपनी है।
बाटा में कस्टमर की जरूरतों और शौक पर फोकस
दिवालिया होने के बाद दोबारा अपनी पहचान बनाने वाली बाटा की स्थापना यूरोपीय मुल्क चेक रिपब्लिक में हुई थी। सितंबर, 1894 में तीन भाइयों ने इस कंपनी की बुनियाद रखी, लेकिन बैंक लोन के बोझ तले दबने के कारण कंपनी सड़क पर आ गई। फुटवियर कंपनी के लिए रॉ मैटेरियल की बात सामने आते ही चमड़ा दिमाग में आता है, लेकिन बदलते दौर के साथ इस कंपनी ने कस्टमर की जरूरतों और शौक का भी पूरा ख्याल रखा।
कोलकाता में बाटा नगर
बाटा ने भारत आने के बाद प्रमुख महानगर कोलकाता से अपने सफर की शुरुआत की। 1930 में कलकत्ता पहुंचे बाटा के हुक्मरान वैसे तो चमड़े की तलाश में इंडिया आए थे, लेकिन 1931 में कोलकाता के कोन्नानगर में फैक्ट्री की स्थापना करने वाले बाटा के मालिक थॉमस बाटा ने देश के लोगों में बड़ा कंज्यूमर बेस देखा। बिजनेस ब्रेन ऐसा कि इन्होंने बड़े पैमाने पर बाटा के फुटवियर उत्पादन का फैसला लिया। इतने कर्मचारियों को नौकरी मिली मानो पूरा शहर। शायद इसलिए कोलकाता में बाटा नगर की स्थापना हुई।

1973 में बाटा इंडिया लिमिटेड
ब्रिटिश हुकूमत के दौर में भारत की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। गरीबी के कारण लोग काफी परेशानी में रहते थे। जूता तो दूर, चप्पल पहनना भी मुहाल था। ऐसे में बाटा ने लोगों की जरूरतों को समझा और जूता उत्पादन शुरू किया। बाटा शू कंपनी ने 1931 में एशिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री में फुटवियर उत्पादन शुरू किया। बिजनेस में मिली कामयाबी के बाद 1973 में बाटा इंडिया लिमिटेड कंपनी की शुरुआत की।
वर्चुअल परिवार में भी लाखों चाहने वाले
बदलते समय के साथ बाटा कैसे कामयाब हुई इसकी झलक कंपनी के सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी मिलती है। इंटरनेट के बड़े बाजार और दुनिया के सबसे युवा देश भारत में कंपनी को फेसबुक पर 88 लाख से अधिक लोग बाटा को फॉलो करते हैं। इंस्टाग्राम अकाउंट (@bata.india) को 2.02 लाख लोग फॉलो करते हैं। ट्विटर पर @BATA_India को 15.4 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर बाटा के ऑफिशियल अकाउंट @bataindia2574 के 18.7 हजार से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
70 देशों में 32 हजार से अधिक कर्मचारी
बाटा की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि 70 देशों में कारोबार करने वाली कंपनी 32 हजार से अधिक लोगों को नौकरी देती है। हर साल 15 करोड़ से अधिक जूते बेचने वाली ये फुटवियर कंपनी वर्तमान में दुनिया की 21 जगहों पर उत्पादन करती है। दुनियाभर में बाटा के 5300 आउटलेट हैं। 20 से अधिक ब्रांड के नाम से फुटवियर बेचने वाली बाटा का मार्केट कैप 18 हजार करोड़ रुपये है।
Bata भरोसे का दूसरा नाम, पहली बार ISO 9001 की मान्यता
बाटा इंडिया किस कदर कामयाब हुई इसकी एक मिसाल छोटी सी घटना से मिलती है जब डिमांड बढ़ने के कारण कंपनी को 10 गुना अधिक कर्मचारियों को नौकरी देनी पड़ी थी। दरअसल, पहले वर्ल्डवॉर के दौरान वैश्विक आर्थिक संकट इतना गहराया कि कंपनियों पर ताले लग गए। इसी दौर में बाटा ने उत्पादों के दाम घटा दिए। ग्राहकों के बीच लोकप्रियता और प्रोडक्ट क्वालिटी पर भरोसा इतना बढ़ा कि भारत की पहली फुटवियर कंपनी बन गई, जिसे ISO 9001 की मान्यता दी गई।
Recommended Video
सितारों से सजी कंपनी की टॉप पोस्ट पर भारत
भारत में मिली भरपूर मोहब्बत का प्रमाण ये है कि 129 साल पुरानी इस कंपनी से कार्तिक आर्यन और कृति सैनन और दिशा पाटनी जैसे युवा बॉलीवुड स्टार जब इसका एंडोर्समेंट करते हैं तो लोगों को इससे जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। आज कंपनी का हेडक्वार्टर स्विटजरलैंड के लॉसेन में है। संदीप कटारिया बाटा इंडिया के ग्लोबल सीईओ हैं। 2017 में बाटा इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बने संदीप की प्रतिभा ऐसी की महज तीन साल के बाद ही उन्होंने कंपनी के वैश्विक प्रमुख बन गए।
बाटा रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ
बाटा की लोकप्रियता का एक प्रमुख कारण इसका छोटा नाम भी है। हजारों करोड़ की इस कंपनी के बारे में आई एक रिपोर्ट के अनुसार बाटा अपने छोटे नाम के कारण भी लोगों की जुबान पर चढ़ गया। अब बदलते दौर में बाटा वीडियो प्रोमोशंस पर भी भरपूर निवेश कर रही है। बाटा को पॉपुलर बनाने में मंथन करने वाले हरीश बिजूर का मानना है कि छोटा और आसान नाम कंपनी की लोकप्रियता का प्रमुख कारण है। शायद इसी कारण करीब 19 साल पहले बाटा को गिनीज बुक में भी जगह मिली।
-
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Silver Rate Today: चांदी फिर हुई सस्ती, अचानक 11,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 100 ग्राम सिल्वर का रेट -
3 शादियां कर चुकीं 44 साल की फेमस एक्ट्रेस ने मोहनलाल संग शूट किया ऐसा इंटीमेट सीन, रखी 2 शर्तें और फिर जो हुआ -
साथ की पढ़ाई, साथ बने SDM अब नहीं मिट पा रही 15 किलोमीटर की दूरी! शादी के बाद ऐसा क्या हुआ कि बिखर गया रिश्ता? -
Iran Israel War: 'भारत युद्ध रुकवा सकता है', खामेनेई के दूत ने कही ऐसी बात, टेंशन में ट्रंप -
Khushbu Sundar: इस मुस्लिम नेता के हिंदू पति की राजनीति में एंट्री, कभी लगा था Love Jihad का आरोप -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना में भारी गिरावट, अबतक 16000 सस्ता! 22k और 18k का अब ये है लेटेस्ट रेट -
Balen Shah Nepal PM: पीएम मोदी के नक्शेकदम पर बालेन शाह, नेपाल में अपनाया बीजेपी का ये फॉर्मूला -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List -
27 की उम्र में सांसद, अब बालेन सरकार में कानून मंत्री, कौन हैं सोबिता गौतम, क्यों हुईं वायरल? -
KBC वाली तहसीलदार गिरफ्तार, कहां और कैसे किया 2.5 करोड़ का घोटाला? अब खाएंगी जेल की हवा












Click it and Unblock the Notifications