बांग्लादेशी आतंकी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अयोध्या मार्च की धमकी दी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन का मालिकाना हक रामलला विराजमान को दिया था। पांच जजों की बेंच ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बांग्लादेश के आतंकी संगठन ने अयोध्या मार्च की धमकी दी है।
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सेंट्रल ढाका में हिफाजत-ए-इस्लाम ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध किया। सूत्रों के मुताबिक, पिछले महीने जुमे की नमाज के बाद नुर हुसैन कश्मीरी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में करीब 3000 लोग शामिल हुए थे। ये हाल के सालों में सबसे बड़ा प्रदर्शन बताया जा रहा है। हिफाजत-ए-इस्लाम के लीडर जुनैद बबुनागरी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की निंदा की। बबुनागरी ने साथ ही बाबरी मस्जिद की हिफाजत के लिए अयोध्या मार्च की धमकी भी दी।
इसको लेकर भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि दोनों देश सुरक्षा के मसलों पर एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियां भी बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठनों की एक्टिविटी पर नजरें बनाए हुए है। ये संगठन पिछले एक साल से हरकत में आया है। इस्लामिक संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम के बारे में सत्तारूढ़ शेख हसीना सरकार का कहना है कि इसका जमात से संबंध है।
अयोध्या केस पर फैसला आने के बाद बांग्लादेश में कई तरह की भ्रामक बातें फैलाने की खबरें सामने आई थीं। इसको लेकर भारतीय उच्चायोग ने कहा था कि एक पत्र स्थानीय मीडिया में बांटा जा रहा था, जो पूरी तरह से फर्जी और द्वेषपूर्ण है। उच्चायोग ने कहा था कि इसका मकसद बांग्लादेश के लोगों को गुमराह करना और सामाजिक विद्वेष को बढ़ावा देना है। अयोध्या केस पर आए फैसले के बाद बांग्लादेश ही नहीं, पाकिस्तान की तरफ से भी भड़काऊ बयानबाजी की जा रही थी।












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