Bandipur Tiger Reserve के बारे में जानें ये रोचक बातें, जहां का पीएम मोदी करने वाले हैं दौरा

बांदीपुर टाइगर रिजर्व दक्षिण भारत ही नहीं पूरे देश में मशहूर है। प्रधानमंत्री रविवार को इस जगह का दौरा करने वाले हैं। इससे पहले जानिए यहां की खास बाते।

Bandipur National Park

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 अप्रैल रविवार को कर्नाटक के मैसूर दौरे पर आ रहे हैं। पीएम मोदी प्रोजेक्‍ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित भव्‍य कार्यक्रम में भाग लेने आ रहे हैं। इस अवसर पर पीएम मोदी बाघ जनगणना को ताजा आंकड़ा भी जारी करेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी रविवार की सुबह चामराज जिले में स्थिति बांदीपुर टाइगर रिजर्व का भी दौरा करने वाले हैं। आइए जानते हैं पीएम मोदी जिस बांदीपुर टाइगर रिजर्व का दौरा करने जा रहे है उसकी खासियत क्‍या है?

bandipur

बांदीपुर टाइगर रिजर्व की सबसे बड़ी खास बात ये है कि इसका क्षेत्र कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्‍यों की सीमा के अंतर्गत आता है। यानी इसकी आधी सीमा तमिलनाडु में है और आधी कर्नाटक में हैं।

लगभग 100 साल से पुराना है इस नेशनल पार्क का इतिहास

बंदीपुर राष्‍ट्रीय उद्यान प्राचीन राजाओं के शासन के समय मैसूर का एक शिकारगाह के रूप में जाना जाता था, इसका नामकरण एवं स्थापना 1931 ईस्वी के दौरान वेणुगोपाला वन्यजीव पार्क के नाम से किया गया था और 1973 में बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व योजना के रूप में घोषित कर दिया गया।

बांदीपुर नेशनल पार्क का क्षेत्रफल

जब ये बना था तब इसका क्षेत्रफल 90 वर्ग किलोमीटर ही था लेकिन 1973 में इसे टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट के तहत बांदीपुर टाइगर रिजर्व बनाया गया तब इसका क्षेत्रफल बढ़ाकर 873 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया था।

बांदीपुर में हैं ये विलुप्‍त हो रही वन‍स्‍पतियां और वन्‍य जीव


बांदीपुर नेशनल पार्क में वर्तमान समय में विलुप्त होने के कगार पर हो चुकी वनस्‍पतियां और जीवन जंतु पाए जाते हैं।इस नेशनल पार्क में हाथी, बाघ, टाइगर, चार सींग वाले मृग, मगरमच्‍छ, भारतीय रॉक पायथन जैसे कई अन्‍य जानवर हैं। इसके अलावा इस वन क्षेत्र में सागौन, शीशम, चंदन, बांस और ग्रेविया टिबिअ फोलिया आदि वनस्‍पतियां पाई जाती हैं।

बांदीपुर टाइगर रिजर्व में कौन सी नदी बहती है?

इस नेशनल पार्क के उत्‍तर में कबिनी नदी और दक्षिण में मोयार नदी से घिरा हुआ है। नुगु नदी पार्क बीचो बीच में है। पार्क में सबसे ऊंची जगह हिमवद गोपालस्वामी बेट्टा नामक पहाड़ी है जिसके शिखर पर प्रसिद्ध मंदिर

सफारी राइड दर्शकों की है पहली पसंद

सफारी राइड इस राष्ट्रीय उद्यान का खास आकर्षण है। ये नेशनल पार्क दक्षिण भारत ही नहीं देश भर में मशहूर है। यहां दूर-दूर से पर्यटक शेर, टाइगर समेत अन्‍य वन्‍यजीवों को देखने के लिए आते हैं। बांदीपुर नेशनल पार्क में जीप सफारी, बस सफारी एवं बोट राइड आदि की सुविधा है। बांदीपुर नेशनल पार्क सुबह साढ़े छह बजे खुलता एवं शाम साढ़े आठ बजे बंद हो जाता है। इस नेशनल पार्क में जानें का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से लेकर मार्च के बीच का होता है।

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