देश में ट्रांसपोर्ट यूनियन की हड़ताल का ज्यादा असर नहीं
नई दिल्ली/बेंगलुरु/कोलकाता। देश भर में ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने हड़ताल की है। यह हड़ताल अखिल भारतीय ट्रांसपोर्ट कर्मचारी के बैनर तले की गई है। इसका असर जयादा नहीं दिखाई दे रहा है। यूनियन केंद्र सरकार द्वारा लाये गये नये रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल का विरोध कर रही है। वहीं पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी व उसके सहयोगी दलों ने ममता बनर्जी की सरकार के विरोध में बंद का ऐलान किया है।
बंद और हड़ताल से जुड़े अपडेट इस प्रकार हैं-
- पश्चिम बंगाल के आसन सोल में सीपीएम कार्यकर्ताओं ने एनएच2 को ब्लॉक कर दिया है।
- बंगाल के आसनसोल में सीपीएम-टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
- 24 घंटे की हड़ताल का असर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में दिखायी दे रहा है।
- स्कूल जाने के लिए बच्चों की बस, वैन व टैक्सी न आने के कारण अभिभावकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- हड़ताल के कारण सड़कों पर सुबह से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। बसों का परिचालन ठप हो गया।
- बसें बस अड्डों में खड़ी हैं। घर के बाहर जाने के लिए निकले लोग इधर-उधर भटकते दिखाई दे रहे हैं।
- लखनऊ ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर संघ ने हड़ताल का पुरजोर विरोध किया है।
- हड़ताल का आह्वान केवल एक संगठन ने किया है, जबकि बाकी के संगठन इसमें शामिल नहीं है।
- इस कारण हड़ताल का कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। एहतियात के तौर पर प्रशासन व पुलिस चुस्त है।













Click it and Unblock the Notifications