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जानिए किसने और क्यों की है देशव्यापी ट्रांसपोर्ट हड़ताल

नयी दिल्ली। 30 अप्रैल यानी की कल पूरा चक्का जाम रहने वाला है। न तो सड़कों पर बसें दिखेंगी और ना ही ऑटो या फिर टैक्सी। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ने कल बंद का आवाहन किया है। केंद्र सरकार के सरकार पथ परिवहन और सुरक्षा विधेयक 2014 के विरोध में देशव्यापी बंद का आवाहन किया गया है। [हड़ताल से जुड़े ताज़ा अपडेट]

बंद के समर्थन में बंद में सभी तरह के कमर्शियल वाहन, बस, ट्रक, टैंकलोरी, टैक्सी व ऑटो संगठन भी भाग ले रहे हैं। 30 अप्रैल को सभी ऑटो चौबीस घंटे तक नहीं चलेंगे। 29 अप्रैल की रात बारह बजे से 30 अप्रैल की रात बारह बजे तक वाहन नहीं चलेंगे।पब्लिक ट्रासपोर्ट कॉरपोरेशन के साथ-साथ प्राइवेट बसें, ऑटो रिक्शा, टैक्सी, मिनी बस, लॉरी और ट्रकों ने भी समर्थन किया है। इनके अलावा स्कूल और कॉलेज बसें, ऑटो वर्कर शॉप भी इस बंद का समर्थन कर रहे हैं।

किसने बुलाई बंद

केंद्र सरकार के पथ परिवहन और सुरक्षा अधिनियम के विरोध में देश भर के 7.5 लाख ट्रांसपोर्ट्स प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका कहना है कि पथ परिवहन एवं सुरक्षा विधेयक 2014 को लाकर भारत के पथ परिवहन, व्यवसाय व परिवहन व्यवस्था के संपूर्ण ढांचे को ही कॉरपोरेट घरानों और सामग्राज्यवादी कंपनियों के हाथों बेचने की साजिश कर रही है।

ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर के साथ जुड़े सीआईटीयू, एआईटीयूसी, एएनटीयूसी, बीएमएस, एचएमसी, एआईसीसीटीयू के साथ-साथ यूपी रोडवेज कर्मचारी, समयुक्त परिषद, गुजरात स्टेट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन, एनएलओ और उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी समयुक्ति परिषद के साछ साथ ऑटो यूनियन भी इस हड़ताल में शामिल है।

30 अप्रैल को राष्टव्यापी बंद के दौरान बैंगलुरु, कोलकाता, मुंबई, बिहार, चेन्नई समेत तमाम मेट्रो सिटी में ऑटो पूरी तरह से बंद रहेगी। इनके अलावा नागालैंड में ड्राइवर भी इस प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं।

क्या है पथ परिवहन और सुरक्षा अधिनियम 2014

केंद्र सरकार ने दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की सड़क हादसे में मौत के बाद पथ परिवहन और सुरक्षा अधिनियम 2014 का पेश किया। आपको बता दें कि 2012 में इसी बिल को रिजेक्ट कर दिया गया था। ये बिल सड़क सुरक्षा और रेगुलेशन को बल देगा। इस बिल में सीट बेल्ट, हेलमेट, सिग्नल, बिल परमिट गाड़ी चलाना और ओवरलोडिंग जैसे नियमों की अवहेलना करने पर विधेयक में मौजूदा समय के जुर्माने में पांच से छह गुणा बढ़ोतरी की गई।

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