अभिषेक बनर्जी से सुवेंदु अधिकारी ने पूछा- आपकी 'ममता आंटी' ने दिया था इस्तीफा
बालासोर ट्रेन हादसे पर भापा और टीएमसी में जुबानी जंग तेज हो गई है। अभिषेक बनर्जी ने मांगा रेल मंत्री का इस्तीफा। सुवेंदु अधिकारी ने पूछा, आपकी ममता आंटी ने दिया था इस्तीफा?

Balasore Train Accident: पिछले एक दशक का सबसे बड़ा रेल हादसा ओडिशा में सामने आया है। इस हादसे में सैकड़ों लोगों की जान चली गई जबकि तकरीबन 900 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस बीच इस पूरे हादसे पर राजनीति तेज हो गई है।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा क्या आपकी ममता बनर्जी आंटी ने 2010 में ज्ञानेश्वरी रेल हादसे के बाद इस्तीफा दे दिया था। आखिर ऐसे आदमी से और क्या ही अपेक्षा की जा सकती है जो सिर्फ अपनी आंटी फैमिली बिजनेस का हिस्सा है, वो बिजनेस जिसे ये लोग राजनीतिक पार्टी के नाम से चला रहे हैं।
बता दें कि शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस, बेंगलुरू हावड़ा सुपरफास्ट ट्रेन ओडिशा के बालासोर में आपस में टकरा गई थी, जिसके बाद इस हादसे में 288 लोगों की जान चली गई। इस हादसे के दौरान एक मालगाड़ी भी टकरा गई थी। हादसे में घायल कई यात्री पश्चिम बंगाल के भी हैं। कोरोमंडल हावड़ा से चेन्नई जा रही थी जबकि दूसरी ट्रेन हावड़ा जा रही थी।
बता दें कि अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट करके लिखा था कि एक हजार से अधिक परिवार शोक संतप्त हैं, यह सिर्फ रेल मंत्री की वजह से है क्योंकि वह सिर्फ इस तरह के दावे करते रहे, बजाए लोगों की सुरक्षा के लिए कवच को सुनिश्चित करते।
अगर भाजपा को थोड़ी सी भी जिम्मेदारी का एहसास इस हासदे पर है तो अश्विनी वैष्णव को को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। बता दें कि हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने एक टीम मौके पर भेज दी थी, खुद ममता बनर्जी घटनास्थल पर पहुंची थीं। इस हादसे के बाद भाजपा और टीएमसी में ठन गई है।
ममता बनर्जी और अश्विनी वैष्णव को कैमरे के सामने इस हादसे के बाद घटनास्थल पर बहस करते हुए देखा गया। एक तरफ जहां ममता बनर्जी कह रही थीं कि मरने वालों की संख्या 500 से अधिक हो सकती है जबकि रेलवे मंत्री ने इसे खारिज करते हुए कहा कि मरने वालों की संख्या इससे कम है क्योंकि राहत-बचाव कार्य पूरा हो चुका है।
भाजपा ने कहा कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के पास अश्विनी वैष्णव से इस्तीफा मांगने का कोई आधार नहीं है क्योंकि ममता बनर्जी ने ज्ञानेश्वरी हादसे के बाद इस्तीफा नहीं दिया था।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि सीबीआई की चार्जशीट में हादसे में आरोपियों का नाम लिया था। चंद्रधर महतो आपकी ही पार्टी से हैं, उन्हें फिर से पार्टी में अहम पद दिया गया था, जब वह 2020 में जेल से बाहर आए थे। आपकी ही आंटी ने उन्हें यह पद दिया था, जो उस वक्त रेल मंत्री थीं।












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