Balasore Train Accident: मोर्चरी में जगह नहीं, रेफ्रिजेरेटेड ट्रकों में रखे गए शव, 83 की पहचान बाकी
Balasore Train Accident: बालासोर ट्रेन हादसे में 83 मृतकों के शवों की पहचान बाकी है। ओडिशा सीएम ने उनके परिजनों से पहचान करने की अपील की है।

Balasore Train Accident: ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे में 288 लोगों की जान चली गई। वहीं, 900 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। मृतक 288 लोगों में से 205 शवों की पहचान हो चुकी है। लेकिन 83 शव ऐसे हैं, जिनकी पहचान होनी बाकी है। इन शवों को रेफ्रिजेरेटेड ट्रकों में रखा गया है। जिससे इनके परिजन अपनों की पहचान कर सके।
बता दें कि शवों को भुवनेश्वर लाया गया। मोर्चरी में जगह नहीं होने के चलते रेलवे अधिकारियों को भुवनेश्वर एम्स में लगे रेफ्रिजेरेटेड ट्रकों में शवों को रखने के लिए मजबूर होना पड़ा। शवों को आगे दिनों के लिए रखने के लिए रेफ्रिजेरेशन जरूरी थी। इन शवों को उनके परिजनों को तब तक नहीं सौंपा जा सकता, जब तक उसका डीएनए टेस्ट नहीं हो जाता।
इस बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से अपने परिजनों के शव पहचान करने की अपील की है। साथ ही ये भी कहा कि शवों को लेने के लिए उनका डीएनए टेस्ट अनिवार्य है। दोनों की डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद ही शवों को सौंपे जाएंगो।
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रेलवे अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार के अधिकारियों को शवों की पहचान के लिए परिवारों तक पहुंचने का निर्देश दिया है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक शवों को सुरक्षित रखना एक चुनौती साबित हो रहा है।
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बालासोर ट्रेन हादसे के घायलों से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह समय किसी बहस या विवाद करने का नहीं है। इस हादसे में इतने सारे लोग मारे गए, मैं चाहती हूं सच सामने आना चाहिए। सरकार को जनता के सामने जल्द से जल्द सच लाना चाहिए।
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