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छत्तीसगढ़: एंबुलेंस का दरवाजा हुआ जाम, दम घुटने से बच्चे की मौत

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    नई दिल्ली। अपने बच्चे का इलाज करवाने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार इस उम्मीद से छत्तीसगढ़ के अंबेडकर अस्पताल पहुंचा था कि यहां उसके 2 महीने के बच्चे को नई जिदंगी मिल जाएगी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से बच्चे ने इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। एंबुलेंस का दरवाजा जाम होने की वजह से दम घुटने से बच्चे की मौत हो गई। अस्पताल के सामने करीब 2 घंटे तक एंबुलेंस का दरवाजा खोलने की कोशिश की जाती रही, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। बच्चे के पिता ने एंबुलेंस के कांच को तोड़ना चाहा तो उसे यह कहकर रोक दिया गया कि वो सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते बच्चे की मौत हो गई।

     Baby Dies In Locked Ambulance; Parents Stopped From Breaking Windows

    जानकारी के मुताबिक बिहार के रहने वाले अंबिका सिंह के दो महीने के बेटे के दिल में छेद था। इस के इलाज के लिए पहले वो दिल्ली के एम्स अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां इलाज में काफी खर्च आ रहा था, जिसके बाद एम्स के ही एक डॉक्टर ने उन्हें बच्चे को रायपुर के अंबेडकर अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिवार ने दिल्ली से ट्रेन पकड़ी और फिर रायपुर पहुंए गए। उन्हें उम्मीद थी कि रायपुर में उनके बच्चे को नई जिंदगी मिल जाएगी। स्टेशन पर अंबिका सिंह ने संडीवनी एंबुलेंस सेवा ली, जिसकी मदद से वो बच्चे को अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन अस्पताल पर जब वो उतने लगे को एंबुलेंस का दरवाजा ही नहीं खुला।

    अस्पताल पहुंचने के लगभग दो घंटे बाद तक दरवाजा खोलने की जद्दोजहद चलती रही। जब गेट नहीं खुला तो बच्चे के पिता ने खिड़की तोड़ने की कोशिश की तो एंबुलेंस सेवा के अधिकारियों ने उसे चेतावनी दी कि वो सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है। काफी कोशिशों के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो बच्चे को खिड़की का कांच तोड़कर बाहर निकाला गया,लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं इस हादसे पर एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी का कहना है कि इसमें उन की तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई है। बारिश की वजह से एंबुलेंस का दरवाजा अटक गया था, लेकिन 15 मिनट की कोशिश के बाद ही वो खुल गया। अधिकारियों ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि बच्चे को गंभीर हालत में एंबुलेंस में लाया गया था और उसकी मौत पहले ही हो गई थी।

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    English summary
    A two-month old child in Chhattisgarh suffocated after the door of the ambulance that was carrying him to a hospital malfunctioned. When the boy's father tried to break open its window, he was warned against damaging the government's property.

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