मोदी सरकार का संदेश लेकर जंतर-मंतर पहुंचीं बबीता फोगाट, कहा- धुआं वहीं उठता है जहां आग लगी होती है
चैंपियन पहलवान और भाजपा की नेता बबीता फोगट ने कहा, ''मेरी कोशिश है कि मैं आज ही समाधान करवा दूं। ये कोई छोटी चीज़ नहीं है, धुआं वहीं उठता है जहां आग लगी होती है। मैं भरोसा दिलाती हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।''

भारत के कई रेसलर विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, संगीता फोगट, सोनम मलिक, अंशु मलिक इन दिनों रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विनेश फोगाट ने रेसलिंग फेडरेशन अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। ये धरने का गुरुवार (19 जनवरी 2023) को दूसरा दिन है। गुरुवार को चैंपियन पहलवान और भाजपा नेता बबीता फोगाट दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना स्थल पर पहुंचीं है। बबीता फोगट ने वहां सभी को संबोधित करते हुए कहा, "मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि सरकार उनके साथ है। मैं कोशिश करूंगी कि आज उनके मुद्दों को सुलझा लिया जाए।"

'ये कोई छोटी चीज नहीं है, धुआं वहीं उठता है जहां...'
हरियाणा खेल एवं युवा मामले विभाग में डिप्टी डायरेक्टर और पूर्व पहलवान बबिता फोगाट ने कहा, ''मेरी कोशिश है कि मैं आज ही इस मामले का समाधान करवा दूं। ये कोई छोटी चीज नहीं है, धुआं वहीं उठता है जहां आग लगी होती है। मैं भरोसा दिलाती हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।''

बबीता फोगाट बोलीं- 'मैं अपने खिलाड़ियों की इस लड़ाई में उनके साथ हूं...
इससे पहले बबिता फोगाट ने ट्वीट किया था, 'मैं अपने खिलाड़ियों की इस लड़ाई में उनके साथ हूं। मुझे सरकार पर पूरा भरोसा है कि वह विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ाने वाले देश के खिलाड़ियों के साथ न्याय करेगी।'' बबिता फोगाट ने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा,''कुश्ती के इस मामले में मैं अपने सभी साथी खिलाड़ियो के साथ खड़ी हूं। मैं आप सबको विश्वास दिलाती हूं कि सरकार से हर स्तर पर इस विषय को उठाने का काम करूंगी और खिलाड़ियों के भावनाओं के अनुरूप ही आगे का भविष्य तय होगा।''

बजरंग पुनिया ने बबीता फोगाट के आने पर क्या कहा?
ओलंपियन और 2022 राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता बजरंग पुनिया ने कहा, "बबीता फोगट सरकार की तरफ से मध्यस्थता के लिए आई हैं। हम उनके साथ बात करेंगे और फिर अधिक जानकारी देंगे।" उन्होंने कहा कि पहलवान अपने सम्मान और अधिकार के लिए लड़ रहे हैं और अगर वे देश के लिए लड़ सकते हैं तो अपने अधिकारों के लिए भी लड़ सकते हैं। पहलवान विनेश फोगट, साक्षी मलिक, पुनिया सहित अन्य आज दूसरे दिन भी जंतर-मंतर पर मौन धरने पर बैठे हैं।

'हमने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई और जब हम नहीं जीतेंगे...'
बजरंग पुनिया ने कहा, ''अगर हम अपने देश के लिए लड़ सकते हैं, तो हम अपने अधिकारों के लिए भी लड़ सकते हैं। सबसे पहले मैं उन सभी खिलाड़ियों को धन्यवाद देता हूं जो यहां आए हैं। और जो बयान कल दिया गया था कि केवल 3 प्रतिशत खिलाड़ी यहां बैठे हैं, लेकिन मेरे अनुसार आज सभी खिलाड़ी यहां हैं। आप कल्पना कर सकते हैं कि खिलाड़ी कितने मजबूत हैं। और हमने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई और जब तक हम नहीं जीतेंगे झुकने वाले नहीं हैं।''

क्या बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप?
विनेश फोगाट ने कहा, "महिला पहलवानों का नेशनल कैम्पों में कोचों और डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह द्वारा यौन उत्पीड़न किया गया है। नेशनल कैंप में नियुक्त कुछ कोच सालों से महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न कर रहे हैं। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष भी यौन उत्पीड़न में शामिल हैं। कई युवा महिला पहलवानों ने शिकायत की है। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद पहलवानों को समर्थन नहीं मिल रहा है।''

विनेश फोगाट बोलीं- कोच महिलाओं को परेशान कर रहे हैं
विनेश फोगाट ने आरोप लगाया है कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में उनकी हार के बाद उन्हें 'खोटा सिक्का' कहा गया था। राष्ट्रमंडल और एशियाई दोनों खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान विनेश ने आरोप लगाया, "कोच महिलाओं को परेशान कर रहे हैं और कुछ कोच, जो फेडरेशन के पसंदीदा हैं, महिला कोचों के साथ भी दुर्व्यवहार करते हैं। वे लड़कियों का यौन उत्पीड़न करते हैं। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न कर चुका है।''












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