आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी 2 करोड़, स्वास्थ्य मंत्री बोले- अमीर-गरीब का एक ही अस्पताल में होता है इलाज
नई दिल्ली, अगस्त 18। मोदी सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक 'आयुष्मान भारत योजना' के लाभार्थियों की संख्या 2 करोड़ तक पहुंच गई है। बुधवार को ये जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना वो योजना है, जिसने भारत में गरीबों को अमीरों जैसा इलाज मुहैया कराया है और इतना ही नहीं एक ही अस्पताल में अमीर और गरीब का इलाज हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने आरोग्य धारा-2.0 की अध्यक्षता करते हुए अधिकार पत्र, अभिनंदन पत्र और आयुष्मान मित्र जैसी प्रमुख पहल भी शुरू की।

25 हजार करोड़ रुपए से अधिक का गरीबों को मिला लाभ
स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया है कि देश के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस योजना के तहत अभी तक गरीब लोगों को करीब 25000 करोड़ रुपए से अधिक का लाभ मिल चुका है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत उन लोगों को लाभ मिला है, जो गरीबी के चलते सही इलाज नहीं करा पाते थे। ऐसे 2 करोड़ लोगों को अस्पताल में भर्ती कर इस योजना के तहत इलाज मिला है। इनमें से कई तो ऐसे थे जो गंभीर बीमारियों का सामना कर रहे थे।
पीएम मोदी ने गरीबों के दर्द को किया है महसूस- स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है, "आयुष्मान भारत PM-JAY एक महत्वाकांक्षी योजना है जो गरीब और वंचित लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करती है। इस योजना ने सभी पात्र लाभार्थियों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस और पेपरलेस इलाज मुहैया कराया है।" स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विनम्र पृष्ठभूमि उन्हें गरीबों और असहायों के दर्द को महसूस करने में सक्षम बनाती है।
आरोग्य धारा 2.0 का किया उद्घाटन
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोग्य धारा 2.0 का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस योजना ने गरीब लोगों को उसी अस्पताल में इलाज का खर्च उठाने में सक्षम बनाया है, जहां अमीरों का इलाज होता है। उन्होंने देश के सबसे गरीब परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए और योजना के प्रति जागरूक करने के लिए आरोग्य धारा 2.0 का उद्घाटन किया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि लाभार्थियों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए पीएम-जेएवाई योजना के तहत इलाज के लिए उनके अस्पताल में भर्ती होने के दौरान अधिकार पत्र जारी किया जाएगा ताकि वे इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की मुफ्त और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का दावा कर सकें।
दिसंबर 2018 में हुआ था इस योजना का उद्घाटन
आपको बता दें कि देश में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को रांची से हुई थी। पीएम मोदी ने इस योजना का उद्घाटन किया था। उस वक्त पीएम ने कहा था कि इस योजना के जरिए हम एक ऐसा भारत बनाना चाहते हैं, जहां हर नागरिक स्वस्थ्य हो और स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाला खर्च नागरिकों पर बोझ न बने।












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