Ram Mandir: राम मंदिर में अब तक कितना खर्च, और कितने धन की जरूरत, कहां रखेंगे पुरानी मूर्ति? जानिए सब कुछ
Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Pran Pratishtha) के साथ ही विधिवत नए भवन में पूजा- पाठ का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। राम मंदिर निर्माण में खर्च और रामलला की उस मूर्ति का भी जिक्र करना जरूरी है, जिसकी अब तक टेंट में पूजा होती रही है। इसको लेकर श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने स्थिति स्पष्ट की है। उनके मुताबिक मंदिर में अबतक जितना खर्च हुआ है उसका एक तिहाई हिस्सा धन और खर्च होगा। उन्होंने ये भी बताया कि रामलला की जिस मूर्ति की पूजा पहले टेंट फिर अस्थाई मंदिर में की जाती थी उसे कहां रखा जाएगा।
अयोध्या के लिए 22 जनवरी की दिन सबसे बड़ा दिन है। क्योंकि इस दिन पीएम मोदी के हाथों श्री राम जन्मभूमि पर बने राम मंदिर में रामलला की 51 इंच की मूर्ति वैदिक मंत्रोच्चार के साथ एक दिव्य अनुष्ठान जरिए स्थापित की जा रही है। रामलला की यहां 5 वर्ष के बालक के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

रामलला की मू्र्ति का काफी बारीकी से अध्ययन करने के बाद चयन किया गया है। दरअसल, मूर्तिकला में भारत के तीन श्रेष्ठ मूर्तिकारों ने रामलला अलग- अलग तीन मूर्तियां बनाईं। जिनमें से मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज की मूर्ति श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर गठित समित ने पास की है। भगवान राम की इसी मूर्ति को आज राम मंदिर में प्रतिष्ठित किया जाएगा।
कहां रखी जाएगी पुरानी मूर्ति
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के मुताबिक रामलला की सभी मूर्तियां श्री राम जन्मभूमि परिसर में रहेंगी। उन्होंने कहा कि मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई अन्य दो मूर्तियां को भी पूरे आदर सम्मान के साथ मंदिर में रखा जाएगा। इसके अलावा रामलला की पुरानी मूर्ति को नई मूर्ति के सामने रखा जाएगा।
मंदिर निर्माण में अब तक कितना खर्च
राम मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। श्री राम जन्मभूमि परिसर को ट्रस्ट अब विकसित करने पर फोकस करेगा। फिलहाल मंदिर में जो निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ उसमें भी एक बड़ी धनराशि खर्च होगी। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया है कि प्राण प्रतिष्ठा के पहले तक राम मंदिर निर्माम में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अनुमान है कि मंदिर के निर्माण का कार्य पूरा होने तक करीब 300 करोड़ रुपये की और आवश्यकता हो सकती है।












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