Shubhanshu Shukla: '39 साल के जवान या 110 साल के बूढ़े', शुभांशु शुक्ला को किसने बोला 'Evil Genius'?
Shubhanshu Shukla: 'शुभांशु शुक्ला भले ही 39 साल के हैं, उम्र में काफी छोटे हैं लेकिन उनमें 110 साल के व्यक्ति की बुद्धिमत्ता है इसलिए तो हम उन्हें "wicked smart" यानी कि "बेहद होशियार" कहते हैं', ये कहना हमारा नहीं बल्कि उनके साथ काम करने वाले लोगों का है। उनके सहकर्मी उन्हें स्मार्ट, मिलनसार और तेज दिमाग वाला इंसान मानते हैं।
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक ग्रुप कैप्टन शुक्ला की मिशन कमांडर डॉ. पेगी व्हिटसन, जो अमेरिका से हैं, ने उन्हें 'Evil Genius' कहा था। क्रू ने उनकी असाधारण स्मृति और सीखने और समस्याओं को हल करने की क्षमता की प्रशंसा की है।

भारत के सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री Shubhanshu Shukla
आपको बता दें कि भारत के सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री शुक्ला ने आज एक्सिओम-4 मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भर दी है। इस वक्त लखनऊ समेत पूरे देश में एक अलग उत्साह और जोश देखने को मिल रहा है। यूपी की राजधानी लखनऊ में तो जगह-जगह उनके नाम के पोस्टर लगे हुए हैं। लोग उनके मम्मी -पापा को बधाईयां देते थक नहीं रहे हैं।
'बेटे का मिशन को लेकर हम बहुत खुश हैं' (Shubhanshu Shukla)
इस खास मौके पर उनके पिता शम्भू दयाल शुक्ला ने कहा कि 'बेटे का मिशन को लेकर हम बहुत खुश हैं। हमारा आशीर्वाद उनके साथ है और हम ईश्वर से भी प्रार्थना करते हैं कि उनका मिशन अच्छे से पूरा हो, वो लखनऊ, प्रदेश और हमारे देश का नाम रोशन कर रहे हैं...हमें उन पर गर्व है।'
'त्रिवेणी नगर का एक लड़का इतनी ऊंचाई पर पहुंचने जा रहा है'
तो वहीं उनकी मां आशा शुक्ला की आंखें गर्व और खुशी से छलछला रही हैं, उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि 'सभी को खुशी है कि इस देश का, इस त्रिवेणी नगर का एक लड़का इतनी ऊंचाई पर पहुंचा है, पहला पड़ाव पार कर लिया है उसने,.हमने उसे अपनी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है, उसे हमारी बहू का पूरा समर्थन है। उसके बिना यह संभव नहीं हो सकता था।'
Shubhanshu Shukla पिछले एक महीने से अधिक समय से क्वारंटाइन में
आपको बता दें कि ऐतिहासिक मिशन से पहले शुभांशु शुक्ला पिछले एक महीने से अधिक समय से क्वारंटाइन में थे। उनकी फिटनेस और मेंटल हेल्थ पर लगातार नजर रखी जा रही थी। शुभांशु शुक्ला ने इस ऐतिहासिक उड़ान के लिए अमेरिका में लगभग एक वर्ष का प्रशिक्षण लिया है।
'एक अरब दिलों की आशाएं और सपने भी लेकर जा रहा हूं'
उड़ान से पहले शुभांशु शुक्ला ने कहा कि 'जोश बहुत अधिक है, मैं आईएसएस पर 14 दिन बिताने की तैयारी कर रहा हूं, मैं अपने साथ न केवल उपकरण बल्कि एक अरब दिलों की आशाएं और सपने भी लेकर जा रहा हूं।' यह मेरे लिए एक लंबी यात्रा है, मैं कहूंगा कि मैं बहुत भाग्यशाली रहा हूं कि मुझे पहले अपने पूरे जीवन में उड़ान भरने के अवसर मिला, जो मेरे लिए एक सपनों की नौकरी थी, फिर अंतरिक्ष यात्री कोर के लिए आवेदन करने का अवसर मिला और अब मैं स्पेस मिशन पर जा रहा हूं।'
देश के दूसरे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला
बताते चले कि शुभांशु शुक्ला विंग कमांडर राकेश शर्मा द्वारा 1984 में इतिहास रचने के लगभग चार दशक बाद अंतरिक्ष में जाने वाले देश के दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं। भारत-अमेरिका एक्सिओम-4 मिशन रूस के साथ नहीं, बल्कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हो रहा है।
'नासा को दिल से सलाम करना चाहता हूं' (Shubhanshu Shukla)
AxiomMission4 पर अंतरिक्ष रणनीतिकार पीके घोष ने कहा कि' यह हमारे लिए महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि बहुत जल्द ही हमारे पास गगनयान आने वाला है, उस समय, वह (ग्रुप कैप्टन सुभांशु शुक्ला) एकमात्र ऐसे व्यक्ति होंगे जो अनुभवी होंगे और वह निश्चित रूप से गगनयान मिशन की कमान संभालेंगे, मैं इसका बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं और मैं नासा को ऐसे अच्छे अंतरिक्ष यात्री का चयन करने के लिए सलाम करता हूं।'
देश के हर नागरिक के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन
'मुझे लगता है कि यह भारत, इसरो और देश के हर नागरिक के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि हम 1984 के बाद दूसरी बार किसी अंतरिक्ष यात्री को भेज पाए हैं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला 14 दिनों के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने वाले हैं, वह 14 दिनों के बाद पूरी तरह से अनुभवी होकर वापस आएंगे, मुझे लगता है कि सभी 1.4 बिलियन लोग इसका इंतजार कर रहे हैं।'












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