ऑटो में छूट गए थे चार लाख, उसके बाद क्‍या हुआ, पढ़ें पूरी कहानी

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। रक्षा बंधन के दिन एक ऑटो ड्राइवर ईमानदारी की मिसाल की जिसके बदले में उसे एक प्यारी बहन मिल गई। हुआ यूं की कल्याण की रहने वाली एक महिला ऑटो से अपने भाई के घर जा रही थी इसी दौरान उसने करीब चार लाख के गहनों से भरा बैग ऑटो में ही छोड़ दिया जिसके बाद ऑटो ड्राइवर ने ईमानदारी दिखाते हुए महिला का बैग वापस कर दिया।

ऑटो में छोड़ा 4 लाख की ज्वैलरी से भरा बैग

ऑटो में छोड़ा 4 लाख की ज्वैलरी से भरा बैग

भिवंडी के कल्याण इलाके की रहने वाली की रहने वाली योगिता गायकवाड़ अपने बच्चों के साथ पिंपलास में अपने भाई को राखी बांधने जा रही थी तभी रास्ते में वो एक शेयर ऑटो में बैठीं थी। योगिता पिंपलास पहुंचने के बाद उतर गईं लेकिन करीब चार लाख की ज्वैलरी से भरा बैग ऑटो में ही छोड़ दिया। जब योगिता को पता चला कि उनका बैग ऑटो में ही छूट गया है वो परेशान हो गईं अपने पति को फोन किया। वो ऑटो को ढूढ़ते हुए शिवाजी चौक भी गई लेकिन उनको ऑटो वाला नहीं मिला।

 ऑटो ड्राइवर ने दिखाई ईमानदारी

ऑटो ड्राइवर ने दिखाई ईमानदारी

इसके बाद योगिता अपने पति के साथ कल्याण के महात्मा फुले पुलिस स्टेशन ती तरफ जा रही थीं तभी योगिता को उनके भाई योगेश का फोन आया कि ऑटो ड्राइवर अनिल बैग लेकर कोनगांव पुलिस स्टेशन पहुंचा है। एसआई आरएल शेले ने पुष्टि हो जाने के बाद बैग योगिता गायकवाड़ को सौंप दिया। और ऑटो ड्राइवर अनिल पाटील को सम्मानित भी किया।

 ऑटो ड्राइवर को बांधी राखी

ऑटो ड्राइवर को बांधी राखी

योगिता ने सोमवार को ऑटो ड्राइवर अनिल पाटील के जाकर उन्हें राखी बांधा। ऑटो ड्राइवर अनिल भिवंडी में अपने संबंधी के घर में रहते हैं। उन्होंने हायर सेकंडरी तक की पढ़ाई करने के साथ-साथ प्रफेशनल कंप्यूटर कोर्स भी कर रखा है। अनिल ने कहा, 'मैं भी खुश हूं कि मुझे रक्षाबंधन के दिन एक और बहन मिली।'

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Auto driver returns Rs 4 lakh jewellery, gets a new sister
Please Wait while comments are loading...