वर्ल्ड कप जीतकर खुद को भाग्यशाली क्यों मान रहा है ऑस्ट्रेलिया, डिप्टी पीएम रिचर्ड मार्ल्स ने कही दिल की बात
रविवार को ऑस्ट्रेलिया से क्रिकेट वर्ल्ड कप हारने की वजह से भारत में भले ही मायूसी छायी हो, लेकिन सच्चाई ये है कि भारतीय टीम को हराकर ऑस्ट्रेलिया खुद को भाग्यशाली मान रहा है।
यह बात खुद ऑस्ट्रेलिया के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने स्वीकार की है। दरअसल,दोनों नेताओं के बीच सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई, उसी में ऑस्ट्रेलिया की दिल की बात सामने आ गई।

रक्षा साझेदारी और बढ़ाने का अवसर- रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
इस द्विपक्षीय बैठक को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को और बढ़ाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस बैठक से कई क्षेत्रों में प्रगति हुई है।
ऑस्ट्रेलियाई उपप्रधानमंत्री रिजर्ड मार्ल्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान शुरुआती भाषण में राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमारी पिछली चर्चा के दौरान, हम उन क्षेत्रों और पहलों की पहचान करने में सफल हुए थे जहां हम दो देश आपसी सहयोग कर सकते हैं। मुझे यह जानकर खुशी है कि कई क्षेत्रों में पहले ही प्रगति हो चुकी है। आज की बैठक से हमें अपनी रक्षा साझेदारी को और भी गहराइयों तक ले जाने के अपने संकल्प को दोहराने का मौका मिलेगा।'
वर्ल्ड कप जीतने पर भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया ने कह दी दिल की बात
इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई उपप्रधानमंत्री रिजर्ड मार्ल्स ने कहा कि वापस भारत आना बहुत ही बहुत बढ़िया है। उन्होंने जिस तरह से वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया है, उसके लिए भारत को बधाई दी है।
इसके साथ ही वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लोगों के दिल की बात भी जाहिर कर दी है।
पिछली रात के नतीजे से हम भाग्यशाली महसूस करते हैं-ऑस्ट्रेलियाई डिप्टी पीएम
अपने शुरुआती भाषण में मार्ल्स ने कहा, 'दोबारा भारत आना और विश्व कप के ऐसे शुभ समय पर यहां आना बहुत ही अच्छा है। जिस तरह से वर्ल्ड कप की मेजबानी की और जिस तरह से भारत खेला, उसके लिए मैं भारत को बधाई देता हूं। और पिछली रात के नतीजे से हम भाग्यशाली महसूस करते हैं। लेकिन ये ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच दोस्ती की एक शानदार अभिव्यक्ति मात्र रही है....'
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया लोकतंत्र, कानून के शासन, बोलने की स्वतंत्रता और क्रिकेट जैसी विरासत की परंपराओं को साझा करते हैं। वे बोले कि ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ अपने रिश्तों को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रिश्तों में से एक मानता है।
उन्होंने कहा,'यह कहना मुश्किल है कि हम भारत को और भारत के साथ अपने रिश्तों को कितना अहम मानते हैं। एक कठिन दुनिया में, खासकर... हम पड़ोसी हैं। हमारे बीच एक गहरा सामरिक तालमेल है, लेकिन खासकर के हम लोकतंत्र, कानून के शासन, बोलने की आजादी और क्रिकेट समेत विरासत की परंपरा को साझा करते हैं और इसका मतलब है कि हम आपस में साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। लेकिन, हम कहते हैं कि इस संबंध के मूल में रक्षा है।'
इस द्विपक्षी बातचीत के बाद रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि 'दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को आगे और मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है।
उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग के प्रति संतोष जाहिर किया है, जिसमें साझा युद्धाभ्यास, आदान-प्रदान और संस्थागत बातचीत शामिल है।
रक्षा मंत्री ने इस साल अगस्त में ऑस्ट्रेलिया की ओर से बहुपक्षीय अभ्यास 'मालाबार' के पहले और सफल आयोजन के लिए मार्ल्स को बधाई दी।' (इनपुट-एएनआई)












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