Aurangzeb Controversy: 'कब्र विवाद अनावश्यक', औरंगजेब को लेकर जारी बवाल पर बोले RSS के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी
Aurangzeb Controversy: आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश 'भैयाजी' जोशी ने सोमवार को महाराष्ट्र में मुगल सम्राट औरंगजेब की कब्र को लेकर उठे विवाद को 'अनावश्यक' करार दिया। पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने बताया कि, 'औरंगजेब की कब्र का मुद्दा बेवजह उठाया गया है।

जिन्हें श्रद्धा होगी, वे जाएंगे
पूर्व आरएसएस महासचिव जोशी ने आगे कहा, ' वह यहीं (भारत में) मरा, इसलिए उसकी कब्र यहां बनाई गई। जिन्हें श्रद्धा होगी, वे जाएंगे। हमारे पास छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श है। उन्होंने अफजल खान की कब्र बनवाई थी। यह भारत की उदारता और समावेशिता का प्रतीक है। कब्र बनी रहेगी, जिसे जाना है, वह जाएगा।'
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राज ठाकरे ने कब्र को संरक्षित करने की मांग की थी
वहीं रविवार (30 मार्च) को राज ठाकरे ने जाति और धर्म के आधार पर नफरत की राजनीति से बचने की अपील की थी और कहा था कि इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'औरंगजेब और अफजल खान जैसे लोगों की कब्रों को संरक्षित किया जाना चाहिए ताकि उन्हें मराठा वीरता के प्रतीक के रूप में दिखाया जा सके।'
'छत्रपति शिवाजी महाराज सामंतवाद के खिलाफ लड़ रहे थे'
ठाकरे ने लोगों से व्हाट्सएप पर इतिहास पढ़ने के बजाय सही स्रोतों से जानकारी लेने की अपील की। उन्होंने कहा, 'छत्रपति शिवाजी महाराज सामंतवाद के खिलाफ लड़ रहे थे। किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व के कमांडर या कर्मचारियों की जाति और धर्म न देखें, क्योंकि अलग-अलग समुदायों के लोग विभिन्न राज्यों के लिए काम करते थे।'
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क्या है औरंगजेब विवाद?
दरअसल, 17 मार्च को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के लगभग 200 से 250 सदस्य नागपुर के महल क्षेत्र में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास इकट्ठा हुए थे, जो औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
इसी दौरान अपवाह उड़ी की प्रदर्शन के दौरान धर्म ग्रंथ को जलाया गया है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर शुरू हो गया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया।
नागपुर में फैली हिंसा
इस अफवाह के बाद महल और हंसपुरी इलाके में उपद्रव की कुछ घटना सामने आई। देखते ही देखते हंसा पुरी क्षेत्र में हिंसा भड़क गई, अज्ञात व्यक्तियों ने दुकानों को तोड़ दिया वाहनों को आग लगा दी और पत्थरबाजी की।
इसके बाद शहर के कई इलाकों में हिंसा की आग फैल गई। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।












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